पंजाब के गांवों में बड़ी स्क्रीनों पर दिखाई जा रही फ़िल्म ‘सतलुज’, लोग क्या कह रहे हैं


पंजाब के गांवों में 'सतलुज' देखने पहुंचे लोग

“1989 में मेरे पति लापता हो गए थे. आज तक उनके बारे में कुछ पता नहीं चला. मैं अपनी ज़िंदगी के उस पुराने दौर को फिर से देखने आई थी.”

भावुक होते हुए ये शब्द बलविंदर कौर ने कहे. वह मोगा के एक गुरुद्वारे में जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर बनी फ़िल्म ‘सतलुज’ देखने पहुंची थीं.

दिलजीत दोसांझ की मुख्य भूमिका वाली ये फ़िल्म 3 जुलाई 2026 को ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म ज़ी-5 पर रिलीज़ हुई थी, लेकिन 48 घंटे बाद ये ज़ी-5 से हटा दी गई.

इसके बाद पंजाब के अलग-अलग गांवों और शहरों में लोग अपने स्तर पर फ़िल्म डाउनलोड कर बड़ी एलईडी स्क्रीनों पर इसका प्रदर्शन कर रहे हैं. लोग गुरुद्वारों और खुले स्थानों पर एक साथ बैठकर यह फ़िल्म देख रहे हैं.

बीजेपी की पंजाब इकाई ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से इस मामले में पुनर्विचार करने की मांग की है.



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