पंजाब सरकार ने दावा किया है कि पिछले पांच वर्षों में राज्य में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। हालिया फार्मेसी भर्ती परीक्षा में नकल की कोशिश नाकाम करने के बाद, सरकार ने आवेदकों के भविष्य की सुरक्षा के लिए कदम उठाए हैं और पारदर्शिता की बात की है।
पंजाब सरकार ने दावा किया है कि पिछले पांच वर्षों में राज्य में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। सरकार का यह बयान हाल ही में हुई फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा के दौरान कथित नकल गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद आया। सरकार के मुताबिक, परीक्षा के दौरान ही पूरी साजिश का पता लगा लिया गया, जिससे भर्ती प्रक्रिया प्रभावित नहीं हुई।
सरकार के अनुसार, पंजाब पुलिस ने हाई-टेक पेन कैमरा, वायरलेस ईयरपीस और मॉडिफाइड मोबाइल फोन के जरिए नकल कराने की कथित साजिश का खुलासा करते हुए 31 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें 21 अभ्यर्थी और 10 कथित हैंडलर शामिल हैं।
भर्ती प्रक्रिया सुरक्षित रही, सरकार का दावा
सरकार ने कहा कि जांच में किसी भी सरकारी अधिकारी की संलिप्तता सामने नहीं आई। उसके अनुसार, इससे यह स्पष्ट होता है कि परीक्षा प्रणाली सुरक्षित रही और कथित नकल की कोशिश को समय रहते विफल कर दिया गया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में सरकारी नौकरियां केवल मेहनत, योग्यता और मेरिट के आधार पर दी जाएंगी तथा भर्ती प्रक्रिया में नकल और भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है।
सरकार ने यह भी दावा किया कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद अब तक लगभग 70,000 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। उसके अनुसार, युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की हर कोशिश पर तत्काल कार्रवाई की गई है।
सरकार का कहना है कि पिछले पांच वर्षों में पेपर लीक का कोई मामला सामने नहीं आना भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए किए गए प्रयासों का परिणाम है।
पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर जोर
आम आदमी पार्टी ने कहा कि परीक्षा के दौरान कथित नकल की कोशिश को विफल करना लाखों मेहनती अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
पार्टी के अनुसार, अभिभावक चाहते हैं कि उनके बच्चों की मेहनत का सम्मान हो, जबकि युवा बिना किसी सिफारिश या धांधली के अवसर मिलने की अपेक्षा रखते हैं। उसका कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने से भर्ती प्रक्रिया पर उम्मीदवारों का भरोसा बना रहा।
पार्टी ने कहा कि शिक्षा और रोजगार केवल चुनावी वादे नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य से जुड़े विषय हैं। उसके अनुसार, ईमानदार भर्ती प्रक्रिया, पारदर्शिता और नकल के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति आगे भी सरकार की प्राथमिकता रहेगी।