पंजाब में साढ़े चार साल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ: मुख्यमंत्री भगवंत मान, Brand-stories Hindi News


पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संसद में दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में एक भी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ। उन्होंने transparently सरकारी नौकरियों की भर्तियों का जिक्र किया और राजनीतिक विपक्ष पर झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को दावा किया कि राज्य में पिछले साढ़े चार साल के दौरान एक भी परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने बिना किसी सिफारिश, पैसे या पक्षपात के केवल मेरिट के आधार पर युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह बयान संसद दौरे के दौरान दिया, जहां उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और अन्य सांसदों से मुलाकात की। पंजाब सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर पंजाब और राज्य के युवाओं की छवि खराब करने के लिए झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन इन्हें व्यक्तिगत मतभेद में नहीं बदलना चाहिए। उन्होंने कहा कि अलग-अलग विचारधाराओं के बावजूद नेताओं और लोगों के बीच संवाद बना रहना लोकतंत्र की खूबसूरती है।

फार्मेसी परीक्षा में नकल की कोशिश का किया जिक्र

पेपर लीक के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में उनकी सरकार के कार्यकाल के दौरान किसी भी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखी है और अब तक 69 हजार के करीब युवाओं को मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

मुख्यमंत्री ने हाल ही में हुई फार्मेसी परीक्षा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मामले में पेपर लीक नहीं हुआ था, बल्कि नकल करने की कोशिश की गई थी। उन्होंने कहा कि परीक्षा सुबह 11 बजे शुरू हुई थी और 11:15 बजे तक अधिकारियों को इसकी जानकारी मिल गई थी कि एक अभ्यर्थी ब्लूटूथ वाले पेन के जरिए प्रश्नपत्र स्कैन कर बाहर बैठे लोगों से ईयरपीस के माध्यम से जवाब ले रहा था।

उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अभ्यर्थियों और कथित तौर पर इस नकल नेटवर्क से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि परीक्षा को सफलतापूर्वक पूरा कराया गया।

विपक्ष की ओर से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्मेसी परीक्षा शिक्षा विभाग के अंतर्गत नहीं आती थी, बल्कि स्वास्थ्य विभाग के अधीन थी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि परीक्षा में कोई पेपर लीक नहीं हुआ था और केवल नकल का प्रयास सामने आया था।

भर्ती प्रक्रिया को लेकर विपक्ष पर निशाना

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की नीति “न कैश, न फरमाइश, न पेपर लीक” की रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियां केवल योग्यता और मेरिट के आधार पर दी गई हैं।

उन्होंने भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल पर राजनीतिक लाभ के लिए पंजाब के युवाओं की मेहनत और लगन को बदनाम करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को राजनीतिक लड़ाई उनसे लड़नी चाहिए, न कि राज्य के युवाओं की उपलब्धियों पर सवाल उठाने चाहिए।

भगवंत मान ने दावा किया कि उनकी सरकार ने 68,855 युवाओं को बिना किसी पैसे के सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को खत्म किया गया है।

मुख्यमंत्री ने शिरोमणि अकाली दल पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी का पंजाब में अब राजनीतिक प्रभाव कम हो गया है। उन्होंने भाजपा के विरोध प्रदर्शनों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी को संसद के बाहर प्रदर्शन करने से पहले अन्य मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार का उद्देश्य युवाओं को पारदर्शी तरीके से रोजगार उपलब्ध कराना है, ताकि सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां पूरी तरह योग्यता और निष्पक्षता के आधार पर हों।



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