पटना में सरकारी अफसर की नेम प्लेट का खेल; कार से मिली 560 लीटर महुआ शराब, पुलिस ने खोला बड़ा राज


संवाद सूत्र, फुलवारी शरीफ (पटना)। परसा बाजार थाना पुलिस ने वाहन जांच अभियान के दौरान एक ऐसी कार को पकड़ा, जिस पर बिहार सरकार के वरिष्ठ अधिकारी की नेम प्लेट लगी थी।

कार से 560 लीटर महुआ शराब बरामद हुई। पुलिस ने चालक को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी नेम प्‍लेट का फायदा उठाकर सप्ताहांत में शराब की तस्करी करता था, ताकि पुलिस जांच से बच सके।

वाहन जांच के दौरान हुआ खुलासा

थानाध्यक्ष मेनका रानी ने बताया कि नियमित वाहन जांच अभियान के दौरान BR01JZ-5343 नंबर की डिजायर कार को रोककर जांच की गई।

कार पर ‘संयुक्त सचिव, मुख्य जांच आयुक्त निदेशालय, सामान्य प्रशासन विभाग’ का बोर्ड और नेम प्लेट लगी हुई थी। पहली नजर में वाहन सरकारी अधिकारी के उपयोग का प्रतीत हो रहा था। 

लेकिन संदेह होने पर पुलिस ने कार की तलाशी ली। जांच के दौरान कार से 560 लीटर महुआ शराब बरामद हुई। इसके बाद चालक को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। 

गिरफ्तार चालक की पहचान पुनपुन थाना क्षेत्र के समनचक डुमरी निवासी स्वर्गीय भोली राय के पुत्र सुधीश कुमार के रूप में हुई है।

उसके खिलाफ बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

सप्ताहांत में करता था शराब की तस्करी

पूछताछ में चालक ने पुलिस को बताया कि संबंधित वाहन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा संयुक्त सचिव के उपयोग के लिए किराये पर लिया गया है।

वह सोमवार से शुक्रवार तक इसी वाहन से संयुक्त सचिव को उनके आवास से सचिवालय स्थित कार्यालय तक लाने-ले जाने का काम करता था।

आरोपी ने स्वीकार किया कि शनिवार और रविवार को कार्यालय बंद रहने के कारण वह उसी वाहन का इस्तेमाल शराब की तस्करी के लिए करता था।

उसे भरोसा था कि वरिष्ठ अधिकारी की नेम प्लेट लगी होने के कारण पुलिस वाहन की जांच नहीं करेगी और वह आसानी से बच निकलेगा।

सरकारी पहचान के दुरुपयोग पर पुलिस सख्त

थानाध्यक्ष मेनका रानी ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है, क्योंकि इसमें सरकारी पहचान और वरिष्ठ अधिकारी की नेम प्लेट का दुरुपयोग कर अवैध कारोबार किया जा रहा था।

उन्होंने कहा कि अब पुलिस ऐसे सभी वाहनों पर विशेष नजर रखेगी, जिन पर बिहार सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों का बोर्ड या नेम प्लेट लगी होगी।

भविष्य में ऐसे वाहनों की भी नियमित और सघन जांच की जाएगी, ताकि सरकारी पहचान का दुरुपयोग कर अवैध गतिविधियों को अंजाम देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि शराब की खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। साथ ही इस तस्करी के नेटवर्क में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी पड़ताल की जा रही है।



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