‘पहले खेलना गुनाह लगता था’, DSP बने क्रिकेटर आकाशदीप ने ऐसा क्यों कहा? भावुक हो गईं मां


पटनाः इंडियन क्रिकेट टीम के खिलाड़ी आकाशदीप डीएसपी बन गए हैं. बिहार सरकार की ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ स्कीम के तहत उन्हें नौकरी मिली. नियुक्ति मिलने के बाद आकाशदीप ने कहा कि एक समय ऐसा था, जब बिहार में खेलना किसी गुनाह से कम नहीं माना जाता था. खिलाड़ी जब मैदान से घर लौटते थे तो लोग उन्हें अलग नजर से देखते थे. माता-पिता भी बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित रहते थे. आकाशदीप की पत्नी ने भी पति के अफसर बनने पर खुशी जाहिर की. जबकि मां भावुक हो गईं.

क्रिकेटर आकाशदीप पत्नी और मां के साथ.

आकाशदीप ने कहा कि अब समय बदल चुका है. सरकार की नई खेल नीति और खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी मिलने से युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है. उन्होंने कहा कि अब अभिभावक भी अपने बच्चों को खेल के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें भरोसा है कि मेहनत करने वाले खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित है. उनके मुताबिक, यह योजना सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि पूरे बिहार के खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है.

आकाशदीप की मां और पत्नी का रिएक्शन
आकाशदीप की पत्नी ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उनके परिवार के लिए बेहद गर्व का पल है. वहीं उनकी मां भावुक हो गईं. उन्होंने कहा कि कभी नहीं सोचा था कि उनका बेटा खेल के दम पर इतनी बड़ी सरकारी नौकरी हासिल करेगा. उन्होंने अन्य अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों को खेलने से न रोकें, बल्कि उनका पूरा साथ दें.

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आकाशदीप ने क्या कहा?
आकाशदीप ने कहा कि सरकार का यह फैसला आने वाली पीढ़ी के लिए बड़ा संदेश है कि अगर खिलाड़ी मेहनत करेंगे. देश के लिए पदक जीतेंगे, तो सरकार भी उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी. उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में बिहार से और भी कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करेंगे.



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