पेज-04 का फ्लायरजन्मशताब्दी समारोह सह विचार संवाद कार्यक्रम आयोजित, देशभर के नेताओं और चिंतकों ने रखे विचार विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का लिया संकल्प फोटो-14, कैप्सन :- रविवार को जन्मशताब्दी…
पेज-04 का फ्लायर बक्सर में जन्मशताब्दी समारोह सह विचार संवाद कार्यक्रम आयोजित, देशभर के नेताओं और चिंतकों ने रखे विचार विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का लिया संकल्प फोटो-14, कैप्सन :- रविवार को जन्मशताब्दी समारोह में भाग लेते मंत्री संजय टाइगर, विधायक राहुल व कमलेश सिंह बक्सर, हमारे संवाददाता। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चंद्रशेखर की जन्मशताब्दी के अवसर पर रविवार को शहर के रानी कोठी में विचार संवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम की मुख्य बातें
कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए राजनीतिक, सामाजिक एवं बौद्धिक जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। पूर्व पीएम स्व. चंद्रशेखर के व्यक्तित्व, कृतित्व तथा उनके राजनीतिक दर्शन पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने केंद्र सरकार से पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चंद्रशेखर को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की। कहा कि राष्ट्र निर्माण, लोकतंत्र और समाजवाद के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान को सर्वोच्च सम्मान मिलना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चंद्रशेखर के प्रतिनिधि रहे कुंवर कमलेश सिंह ने की।
चंद्रशेखर का राजनीतिक दृष्टिकोण
उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर सत्ता के लिए नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए राजनीति करने वाले नेता थे। उनका संपूर्ण जीवन संघर्ष, सादगी, वैचारिक स्पष्टता और जनसेवा का प्रतीक रहा। कार्यक्रम का संचालन अखिलेश सिंह व राणा प्रताप ने संयुक्त रूप से की। भारतीय राजनीति के मार्गदर्शक : सभा को संबोधित करते हुए सूबे के विधि एवं उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री संजय सिंह टाईगर ने कहा कि चंद्रशेखर के आदर्श आज भी भारतीय राजनीति के लिए मार्गदर्शक हैं। स्व. चंद्रशेखर बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। वे नेताओं के भी नेता थे। उनके विचार, दूरदृष्टि और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता आज भी प्रासंगिक है। उनका जीवन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। चंद्रशेखर जन्मशताब्दी समारोह के राष्ट्रीय संयोजक अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि आज आवश्यकता है कि देश की नई पीढ़ी को चंद्रशेखर के विचारों और उनके संघर्षपूर्ण जीवन से जोड़ा जाए।
नेतृत्व की उपस्थिति
उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर ने लोकतंत्र को मजबूत करने तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए निरंतर संघर्ष किया। स्थानीय सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए चंद्रशेखर का योगदान सदैव याद रखा जाएगा। मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री रमाशंकर सिंह ने कहा कि चंद्रशेखर राष्ट्रीय राजनीति के ऐसे नेता थे, जिन्होंने हमेशा सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों को सर्वोपरि रखा। वहीं कर्नाटक के पूर्व मंत्री बीआर पाटिल ने कहा कि चंद्रशेखर पूरे देश के नेता थे और उनकी सोच किसी एक दल या क्षेत्र तक सीमित नहीं थी।
चंद्रशेखर का सामाजिक योगदान
प्रख्यात किसान नेता डॉ. सुनीलम ने कहा कि किसानों, मजदूरों और वंचित वर्गों की आवाज़ को सबसे मजबूती से उठाने वालों में चंद्रशेखर का नाम अग्रणी है। उत्तर प्रदेश पीसीएफ के चेयरमैन वाल्मीकि त्रिपाठी ने कहा कि चंद्रशेखर ने सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को हमेशा प्राथमिकता दी। जमीनी नेता थे पूर्व पीएम : भाजपा नेता संतोष पाठक ने कहा कि पूर्व पीएम स्व. चंद्रशेखर जमीनी नेता थे। उन्होंने हमेशा गरीब, किसान, मजदूर और आम लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता दी। सत्ता उनके लिए लक्ष्य नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम थी। उनका सादगीपूर्ण जीवन आज भी राजनीति में आदर्श माना जाता है।
चंद्रशेखर का जीवन आदर्श
जनता दल सेक्युलर के प्रदेश अध्यक्ष ओमकार सिंह, चंदन कुमार सिंह, डुमरांव विधायक राहुल सिंह, पूर्व विधायक संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि चंद्रशेखर की राजनीति समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए समर्पित थी। उनका जीवन सार्वजनिक जीवन में शुचिता का आदर्श है। गरीबों के मसीहा थे चंद्रशेखर स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी व रोहित कुमार ने कहा कि चंद्रशेखर साधारण परिवार में जन्म लेकर दृढ़ इच्छाशक्ति से देश के प्रधानमंत्री बने। वे गरीबों और वंचितों के मसीहा थे। राजनेताओं को उनके दिखाए रास्ते पर चलना चाहिए। कार्यक्रम में गोविंदाचार्य, गुप्तेश्वरानंद महाराज ने एक स्वर में केंद्र सरकार से उन्हें भारत रत्न देने की मांग की। इस अवसर अनिल सिंह, अशोक पाठक, दिग्विजय सिंह, अमित सिंह, रविराज, डॉ. शशांक शेखर, राघवेन्द्र उज्जैन सहित अन्य मौजूद थे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
✦चंद्रशेखर की जन्मशताब्दी कब मनाई गई?−
चंद्रशेखर की जन्मशताब्दी समारोह रविवार को मनाई गई।
✦कार्यक्रम में किन-किन नेताओं ने भाग लिया?+
✦चंद्रशेखर को किस सम्मान की मांग की गई?+