एसओजी की गिरफ्त में आरोपी (Source – SOG HQ)
जयपुर: खेल कोटे में फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी लगने के मामले की जांच कर रहे राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ताइक्वांडो अकादमी संचालक को गिरफ्तार किया है. उसने एक नेटवर्क के जरिए अभ्यर्थियों तक फर्जी प्रमाण पत्र पहुंचाए. जिनमें मनमाने तरीके से नाम-पते भरकर अभ्यर्थियों ने खेल कोटे से अध्यापक की नौकरी हासिल कर ली. एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण पत्र से खेल कोटे से अध्यापक की नौकरी लगने के मामले में एसओजी की जांच जारी है. इस मामले में अब 33 वर्षीय बालकंवर सैनी को गिरफ्तार किया गया है. वह जयपुर में निवारू रोड पर लालचंदपुरा का रहने वाला है. वह ताइक्वांडो अकादमी चलाता था.
प्रतियोगिता में मिले खाली प्रमाण पत्र: वे बोले कि एसओजी की जांच में सामने आया है कि बालकंवर सैनी साल 2017 में ताइक्वांडो अकादमी चलाता था. उसी साल राजस्थान ताइक्वांडो अकादमी की ओर से राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर में ओपन ताइक्वांडो प्रतियोगिता का आयोजन हुआ था. उसे एसोसिएशन के पदाधिकारियों के दस्तखत वाले कुछ प्रिंटेड प्रमाण पत्र मुहैया करवाए गए थे. जिनमें खिलाड़ियों के नाम-पते भरकर उन्हें दिए जाने थे.
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चार खाली प्रमाण पत्र दिए: पड़ताल में सामने आया कि प्रतियोगिता के बाद चार खाली प्रमाण पत्र उसके पास बच गए थे. यह प्रमाण पत्र उससे विष्णु भाखड़ीवाल और कप्तान सिंह ने हासिल कर लिए. विष्णु ने उनमें अभ्यर्थियों के नाम-पते हाथ से भरकर फर्जी प्रमाण तैयार किए और उनकी एवज में 60 हजार रुपए हासिल किए. इनमें से 20 हजार रुपए बालकंवर को दिए गए. इन फर्जी और कूटरचित ताइक्वांडो खेल प्रमाण पत्र का उपयोग कर अभ्यर्थियों ने सरकारी नौकरी हासिल करने का प्रयास किया.
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साल 2021-22 में हुई थी भर्ती: एसओजी के आईजी अजयपाल लांबा, डीआईजी भुवन भूषण यादव और एसपी कुंदन कंवरिया के निर्देशन में अनुसंधान अधिकारी महावीर सिंह यादव के नेतृत्व में आरोपी बालकंवर को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने बताया, साल 2021-22 में आयोजित तृतीय श्रेणी अध्यापक (लेवल-1) भर्ती में खेल कोटे से ताइक्वांडो खेल प्रमाण पत्र के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन किया गया.
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ऐसे आगे बढ़ी मामले की जांच: जांच में यह सामने आया कि कुछ अभ्यर्थियों ने फर्जी ताइक्वांडो खेल प्रमाण पत्र और ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया, धनबाद की फर्जी ई मेल आईडी से तैयार की गई. सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर नियुक्ति दी गई. इस मामले में सरकारी नौकरी हासिल करने वाले सियाराम गुर्जर को पहले गिरफ्तार किया गया. उससे पूछताछ में नाम आने पर कप्तान सिंह और विष्णु को गिरफ्तार किया गया था. जांच आगे बढ़ी तो बालकंवर का नाम सामने आया. जिसे अब गिरफ्तार किया गया है.