मृतक के पुत्र ने आरोप लगाया है कि उनके पिता के नाम पर फर्जी विक्रय पत्र तैयार कर भूमि हथियाई गई। उन्होंने डीएम से जांच और कार्यवाही की मांग की है। शिकायत के अनुसार, नाम खतौनी में दर्ज है, लेकिन मुरादाबाद के एक व्यक्ति ने बेनामी दस्तावेज तैयार किया और कोर्ट से आदेश प्राप्त किया।

मृत व्यक्ति के नाम पर दस रुपये के स्टांप पर फर्जी विक्रय पत्र तैयार कर जमीन हथियाने की साजिश रचने और एसडीएम कोर्ट से स्टे हासिल करने का मृतक के पुत्र ने आरोप लगाया है। मामले में डीएम को शिकायती पत्र सौंपकर पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने और जानमाल की रक्षा करने की मांग की गई है। शहर के मोहल्ला काजीजादा निवासी मंसूर सफदर नकवी के मुताबिक उनके पिता सफदर अब्बास का 31 जनवरी 2014 देहांत हो चुका है। कस्बा अमरोहा खास बाहर चुंगी स्थित करोड़ों रुपये की पैतृक भूमि उन्हें और उनके भाई को पिता की मृत्यु के बाद उत्तराधिकार के रूप में मिली थी।
नाम खतौनी में भी दर्ज हो चुका है। आरोप है कि मुरादाबाद की कांठ तहसील के एक गांव निवासी व्यक्ति ने उसके पिता के नाम से दस रुपये के स्टांप पर फर्जी बैनामा तैयार कराया और नायब तहसीलदार कोर्ट से सांठगांठ कर 21 मई 2026 को एक पक्षीय दाखिल-खारिज का आदेश भी पारित करा लिया। इसकी जानकारी होने पर पीड़ित ने नायब तहसीलदार न्यायालय में पुनर्स्थापना प्रार्थना पत्र दाखिल किया। इसके बाद कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 24 जून 2026 को एकपक्षीय आदेश को निरस्त कर दिया। शिकायतकर्ता ने नियम-कायदों की अनदेखी कर विपक्षी की अपील को स्वीकार करने और स्टे पारित करने का आरोप लगाते हुए अमरोहा एसडीएम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। मामले में एसडीएम को जरूरी दिशा-निर्देश देने और पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग अब डीएम से की है। डीएम डॉ.नितिन गौड़ ने मामले में जांच कर कार्रवाई किए जाने की बात कही।
