‘फर्जी मां’ का खौफनाक खेल: रेस्क्यू की गई नाबालिग को आश्रय गृह से छुड़ाकर फिर देह व्यापार में धकेला


जागरण संवाददाता, सीतामढ़ी। नकली मां बनकर सिवान से नेपाल की नाबालिग लड़की को फिर से अपने चंगुल में फंसाकर देह व्यापार की मंडी में ढकेलने के मामले में पुलिस जांच में जुटी है।

डीएम द्वारा गठित कमेटी की जांच रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई की अनुशंसा के बाद अब अन्य दोषियों को भी चिह्नित किया जा रहा है। इनके विरुद्ध प्रशासन कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है।

बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के अध्यक्ष एवं सदस्यों के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की खबर के बाद दूसरे दिन मंगलवार को मुख्यालय डुमरा स्थित वन स्टाप सेंटर पर गहमागहमी रही।

कार्यालय में दिनभर इसकी चर्चा भी होती रही। इसी वन स्टाप सेंटर पर रेड लाइट से रेस्क्यू के बाद उक्त नाबालिग लड़की को रखा गयाथा। इसके बाद यहां से सिवान आश्रय गृह भेजा गया था।

बताया गया है कि गत 16 दिसंबर 2025 को पुलिस टीम ने उक्त नाबालिग को शहर स्थित रेड लाइट एरिया से रेस्क्यू किया था।

सिवान जिला स्थित आश्रय गृह भेजने की जानकारी लगते ही रेड लाईट एरिया में देह व्यापार के धंधे में संलिप्त नफीसा खातून फर्जी मां बनकर सिवान आश्रय गृह पहुंची, जहां उसने फर्जी कागजात दिखाकर उक्त नाबालिग की मां होने का दावा किया।

इसके आधार पर वहां से उक्त नाबालिग का फर्जी मां के हवाले कर दिया गया। बाद में जब वास्तविक पिता को इसकी जानकारी मिली तो वह सीतामढ़ी पहुंच एसपी को आवदेन देकर मामले की जानकारी दी।

बताया गया है कि जिस फर्जी मां ने नाबालिग को सिवान से लाई है उस महिला के विरुद्ध वर्ष 2023 में देह व्यापार के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

देह व्यापार की राशि वसूल करती थी फर्जी मां

वर्ष 2023 में पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी में नफीसा खातून समेत सात लोगों के विरुद्ध पुलिस ने देह व्यापार के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

मुक्त कराई गई नाबालिग द्वारा पुलिस को दिए गए बयान में बताया गया था कि जबरन देह व्यापार कराया जाता है और कस्टमर से जो रुपये मिलते है उसे नफीसा खातून और पति राजा मुजूर खलीफा आपस में बांट लेते हैं।

अब सवाल उठता है जिसपर देह व्यापार समेत कई संगीन आरोप है वैसे महिला के बारे में सीडब्ल्यूजेसी कैसे गफलत में आ गई। इसे लेकर पुरी टीम पर सवाल उठ रहे है।

घटनाक्रम पर एक नजर:

  • 16 दिसंबर 2025 : रेड लाइट एरिया में छापामारी में नाबालिग मुक्त
  • दिसंबर 2025 : रेस्क्यू नाबालिग को सिवान आश्रय गृह भेजा
  • एक जनवरी 2026 : नकली मां बनकर उक्त नाबालिग को फिर सीतामढ़ी देह व्यापार मंडी लाया गया।
  • 14 अप्रैल 2026 : पिता के आवेदन पर ने एसपी के निर्देश पर दोबारा रेस्क्यू कर उसे पिता के हवाले किया गया।
  • 13 जुलाई : जांच टीम की रिपोर्ट पर डीएम ने की कार्रवाई की अनुशंसा

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