फाइलों में कैद ‘सक्षम युवा’ योजना, अमेठी में खेल मैदान के इंतजार में गांव के होनहार


विनय तिवारी, जगदीशपुर (अमेठी)। ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई सक्षम युवा योजना धरातल पर दम तोड़ती नजर आ रही है। शासन की महत्वाकांक्षी योजना चार साल बाद भी अधिकांश ग्राम पंचायतों में फाइलों तक ही सीमित है। खेल मैदान और ओपन जिम के अभाव में ग्रामीण युवाओं के सपनों को पंख नहीं मिल पा रहे हैं।

लोक कल्याण संकल्प पत्र-2022 में शामिल इस योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में मनरेगा से खेल मैदान और ओपन जिम विकसित किए जाने थे। खेल मैदान के लिए भूमि चिन्हित करने की जिम्मेदारी राजस्व और निर्माण की जिम्मेदारी मनरेगा के माध्यम से तय की गई थी। हालांकि प्रशासनिक उदासीनता के चलते कुछ स्थानों को छोड़ अधिकांश गांवों में खेल मैदान बन सके और न ही ओपन जिम की स्थापना हो सकी।

शासन के निर्देश भी नहीं बदल सके तस्वीर

शासन की ओर से चरणबद्ध तरीके से सभी ग्राम पंचायतों में खेल मैदान और ओपन जिम स्थापित करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। समय-समय पर अनुस्मारक पत्र भी भेजे गए, लेकिन जिम्मेदार विभाग अपेक्षित प्रगति नहीं दिखा सके। जबकि प्रत्येक माह की पांच तारीख तक खेल मैदानों की प्रगति रिपोर्ट शासन को भेजना अनिवार्य है। इसके बावजूद योजना अपने लक्ष्य से काफी दूर दिखाई दे रही है।

खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की मंशा अधूरी

योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में खेल संस्कृति विकसित करना और युवाओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना था। इसके लिए जिला युवा कल्याण अधिकारी को क्षेत्रीय अधिकारियों एवं व्यायाम प्रशिक्षकों के साथ नियमित समीक्षा बैठक करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। बावजूद इसके जमीनी स्तर पर अपेक्षित परिणाम नहीं दिख रहे हैं। वहीं, खेलो इंडिया योजना की निगरानी व्यवस्था भी प्रभावी नजर नहीं आ रही है।

भूमि उपलब्ध न होने के कारण कई स्थानों पर खेल मैदान विकसित नहीं हो सके हैं। जहां खेल मैदान बने हैं, वहां निरीक्षण कर व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जाएंगी, ताकि युवा खिलाड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

-मयंक पटेल, जिला युवा कल्याण अधिकारी



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