फिरोजपुर में काला गाबा की हत्या, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली जिम्मेदारी, सोशल मीडिया डाली पोस्ट – lawrence bishnoi gang claims responsibility for kalla gaba murder in ferozepur pvzs


पंजाब के फिरोजपुर जिले में हुए चर्चित काला गाबा हत्याकांड ने नया मोड़ ले लिया है. इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी कर हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है. पोस्ट सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है. गैंग की ओर से किए गए दावों और धमकियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने वालों ने खुद को आर.डी. धालीवाल, हरमन संधू और टायसन बिश्नोई बताया है. पोस्ट की शुरुआत ‘राम-राम सभी भाइयों को’ से की गई है. इसमें कहा गया है कि पंजाब के माखू क्षेत्र में हुई काला गाबा की हत्या की जिम्मेदारी वे लेते हैं. गैंग ने दावा किया कि मृतक ने ऐसी हरकतें की थीं जिन्हें कभी माफ नहीं किया जा सकता था और इसी वजह से उसे निशाना बनाया गया.

पोस्ट में आगे आरोप लगाया गया कि काला गाबा ने एक गरीब परिवार के एक युवक की जिंदगी बर्बाद कर दी थी और उसकी बहन को भी परेशान करता था. गैंग के अनुसार, उन्होंने इस मामले को लेकर उससे संपर्क करने की कोशिश की थी, लेकिन उसने उनका फोन ब्लॉक कर दिया था. पोस्ट में दावा किया गया कि वे पिछले दो साल से उसका इंतजार कर रहे थे. इसके बाद उन्होंने कहा कि उन्होंने वही किया जो ‘धर्म सिखाता है.’

इतना ही नहीं, पोस्ट में खुली धमकी भी दी गई है. गैंग ने कहा कि उनके समूह के किसी भी सदस्य ने जिन लोगों को फोन किया है, वे इसे गंभीरता से लें. विशेष रूप से कुछ डॉक्टरों और पंजाबी इंडस्ट्री से जुड़े प्रोड्यूसरों का जिक्र करते हुए चेतावनी दी गई कि वे यह न सोचें कि गैंग उन्हें भूल गया है. पोस्ट में कहा गया कि साल के 365 दिनों में अगर उनका एक दिन भी आ गया तो सीधा सीने पर गोली चलेगी, चाहे व्यक्ति दुनिया के किसी भी देश में क्यों न चला जाए.

पोस्ट के आखिर में गैंग ने अपने विरोधियों पर भी निशाना साधा है. इसमें कहा गया कि उनके ही कुछ पूर्व साथी उनसे अलग होकर देश-विरोधी बन गए हैं और खुद को बड़ा बदमाश समझने लगे हैं. गैंग ने दावा किया कि उनके भाइयों की पूरी ‘आर्मी’ उनके साथ खड़ी है और जल्द मुलाकात होगी. 

पोस्ट का समापन ‘वेट एंड वॉच’, ‘जय श्री राम’ और ‘सलाम शहीदों नू’ जैसे संदेशों के साथ किया गया है. हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक पोस्ट की प्रामाणिकता और उसके संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

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