फिर से पड़ोसियों की नाक में दम करने लगा ईरान, इस देश ने लगाया बड़ा आरोप, International Hindi News


अमेरिका और ईरान के बीच जंग थमती नजर नहीं आ रही है। इस बीच ईरान ने एक बार फिर पड़ोसी देशों पर हमले शुरू कर दिए हैं। कुवैत ने ईरान पर आरोप लगाया है कि उसने सिविलियन क्षेत्रों पर हमला किया है। इसके साथ ही अहम सुविधाओं को बर्बाद करने की बात भी कही है।

अमेरिका और ईरान के बीच जंग थमती नजर नहीं आ रही है। इस बीच ईरान ने एक बार फिर पड़ोसी देशों पर हमले शुरू कर दिए हैं। कुवैत ने ईरान पर आरोप लगाया है कि उसने सिविलियन क्षेत्रों पर हमला किया है। इसके साथ ही अहम सुविधाओं को बर्बाद करने की बात भी कही है। ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद कुवैत ने शनिवार को अपने हवाई क्षेत्र में सभी उड़ानों का परिचालन अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया। हमलों में बिजली उत्पादन और समुद्री जल को पेयजल में बदलने वाले (डीसैलिनेशन) संयंत्रों को नुकसान पहुंचा है। कुवैत एयरवेज ने कहाकि सुरक्षा कारणों से कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का परिचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। इसके चलते अधिकांश उड़ानों का समय पुनर्निर्धारित किया गया। एयरलाइन ने यह नहीं बताया कि सामान्य सेवाएं कब बहाल होंगी और कितनी उड़ानें प्रभावित हुई हैं।

हवाई हमले के सायरन

कुवैत भर में शनिवार तड़के हवाई हमले के सायरन बजाये गये। अधिकारियों ने लोगों से घरों के भीतर रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की, क्योंकि ईरान से दागी गयी मिसाइलें कुवैती हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गई थीं। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने दावा किया कि उसने कुवैत स्थित अरिफजान ग्राउंड फोर्सेज सपोर्ट सेंटर को निशाना बनाया, जहां तैनात कई अमेरिकी सैनिक मारे गए। आईआरजीसी ने इसे अपने ‘ऑपरेशन नस्र-2’ के 18वें चरण का हिस्सा बताया।

ईरान का क्या दावा

आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि ड्रोन हमले में कुवैत स्थित अमेरिकी अली अल सलेम एयर बेस की रडार सुविधा को निष्क्रिय कर दिया गया। ईरानी सरकारी मीडिया ने यह भी दावा किया कि आईआरजीसी नौसेना ने अल अहमदी बंदरगाह स्थित अमेरिकी नौसेना की ईंधन सहायता सुविधा तथा एक अमेरिकी संचार एवं सिग्नलिंग केंद्र पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

ईरान का कितना नुकसान

इस बीच कुवैत के बिजली, जल एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने कहाकि ईरानी हमले में एक अन्य बिजली उत्पादन और जल अलवणीकरण संयंत्र भी प्रभावित हुआ, जिससे संयंत्र के एक हिस्से में आग लग गई। मंत्रालय के अनुसार, एहतियात के तौर पर बिजली उत्पादन की कई इकाइयों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया ताकि संयंत्र, वहां कार्यरत कर्मचारियों और राष्ट्रीय बिजली ग्रिड की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

इमरजेंसी योजनाएं लागू

मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में कहाकि हमले से संयंत्र का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद नागरिक सुरक्षा बल और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर आपातकालीन टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। जरूरी सेवाएं जारी रखने और बिजली तथा जल आपूर्ति नेटवर्क को स्थिर बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि हमले में बिजली उत्पादन की कई इकाइयों को नुकसान पहुंचा, हालांकि आग पर काबू पा लिया गया है। साथ ही बिजली और जलापूर्ति बाधित न हो, इसके लिए आपातकालीन योजनाएं लागू कर दी गई हैं। मंत्रालय ने कहाकि आवश्यक सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए चौबीसों घंटे निगरानी और तकनीकी अभियान जारी हैं।



Leave a Comment