बांकीपुर उप चुनाव से पहले प्रशांत किशोर को तगड़ा झटका, केसी सिन्हा समेत कई बड़े नेता BJP में शामिल – prashant kishor major setback bittu singh kc sinha leave jan suraaj to join bjp
पटना स्थित बीजेपी कार्यालय में आयोजित एक भव्य मिलन समारोह के दौरान प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी को बड़ा झटका लगा। जनसुराज के कई दिग्गज नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भाजपा में शामिल हो गए। इसमें बांकीपुर से पूर्व प्रत्याशी बिट्टू सिंह और कुम्हरार से पूर्व प्रत्याशी केसी सिन्हा प्रमुख हैं।
केसी सिन्हा, बिट्टू सिंह समेत कई नेताओं ने जॉइन की बीजेपी
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक जोड़-तोड़ का सिलसिला तेज हो गया है। इसी क्रम में प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी को एक बड़ा झटका लगा है। पटना स्थित भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) प्रदेश कार्यालय में एक विशेष मिलन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें जनसुराज के कई दिग्गज नेताओं ने आधिकारिक रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। जनसुराज पार्टी के इन कद्दावर चेहरों के साथ-साथ बड़ी संख्या में उनके समर्थक और कार्यकर्ता भी बीजेपी में शामिल हो गए हैं। इस बड़े उलटफेर से पटना के शहरी इलाकों में जनसुराज के चुनावी समीकरणों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
बीजेपी ऑफिस में मिलन समारोह का आयोजन
पटना के वीरचंद पटेल पथ स्थित प्रदेश बीजेपी कार्यालय में नेताओं और कार्यकर्ताओं का भारी हुजूम उमड़ा। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में इस मिलन समारोह को संपन्न कराया गया। मंच पर आए नए नेताओं का भाजपा के शीर्ष पदाधिकारियों ने अंगवस्त्र और माला पहनाकर पार्टी में स्वागत किया और इसे संगठन की एक बड़ी मजबूती बताया।
प्रशांत किशोर की पार्टी को लगा बड़ा झटका
जनसुराज पार्टी की ओर से बांकीपुर विधानसभा सीट के प्रत्याशी रह चुके बिट्टू सिंह ने बीजेपी का दामन थामा।
कुम्हरार विधानसभा क्षेत्र से जनसुराज के उम्मीदवार रहे दिग्गज नेता केसी सिन्हा ने भी बीजेपी की सदस्यता ली
दोनों बड़े नेताओं के साथ जनसुराज पार्टी के सैकड़ों सक्रिय कार्यकर्ता औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो गए।
बांकीपुर और कुम्हरार के पूर्व प्रत्याशियों ने जॉइन की बीजेपी
बीजेपी में शामिल होने वाले नेताओं में बिट्टू सिंह और केसी सिन्हा का नाम सबसे अहम है। ये दोनों नेता अपने-अपने क्षेत्रों (बांकीपुर और कुम्हरार) में जनसुराज का मुख्य चेहरा थे और विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतर चुके थे। इन दोनों प्रमुख चेहरों के अचानक भाजपा में चले जाने से जनसुराज का सांगठनिक ढांचा इन क्षेत्रों में कमजोर हुआ है।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के आने से भाजपा मजबूत
बांकीपुर और कुम्हरार के जनसुराज कार्यकर्ताओं की एक बड़ी फौज भी भारतीय जनता पार्टी का हिस्सा बन गई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन जमीनी कार्यकर्ताओं के आने से चुनाव में बीजेपी को बूथ स्तर पर अतिरिक्त मजबूती मिलेगी, जबकि प्रशांत किशोर की पार्टी को इन क्षेत्रों में नए सिरे से अपनी रणनीति तैयार करनी होगी।
लेखक के बारे मेंसुनील पाण्डेयसुनील पाण्डेय, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में बतौर सीनियर जर्नलिस्ट कार्यरत हैं। जनवरी 2021 में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप का हिस्सा बने सुनील वर्तमान में NBT ऑनलाइन की बिहार-झारखंड टीम में संपादकीय और रिपोर्टिंग में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। रणनीतिक न्यूज़ प्लानिंग, सटीक संपादन और धारदार ग्राउंड रिपोर्टिंग उनकी विशेष पहचान है। राजनीति और व्हाइट कॉलर करप्शन जैसे विषयों पर गहरी पकड़ रखने वाले सुनील ने 2005 से शुरू हुए अपने करियर में कई बड़ी खबरें ब्रेक की हैं। जी20 शिखर सम्मेलन (G20 Summit) से लेकर केरल तक के चुनावी बयार को समझा। दिल्ली, बिहार और तेलंगाना में पत्रकारिता के विभिन्न आयामों को अनुभव करने वाले सुनील सोशल मीडिया एक्स (पहले ट्विटर) पर @sunilpandeyjee के जरिए सक्रिय रहते हैं।
सुनील का पत्रकारिता करियर प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया के अलग-अलग अनुभवों से समृद्ध है, जहां उन्होंने संपादन और ग्राउंड रिपोर्टिंग की महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। पटना, दिल्ली और हैदराबाद जैसे महानगरों में उन्होंने कई प्रतिष्ठित हस्तियों का साक्षात्कार किया है। उनकी ग्राउंड रिपोर्ट्स का प्रभाव इतना गहरा रहा है कि कई मौकों पर सरकार को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने और उनमें सुधार करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
सुनील पाण्डेय की पारखी नजर राजनीतिक उतार-चढ़ाव और सरकारी नीतियों के आम आदमी पर पड़ने वाले असर के विश्लेषण पर रहता है। डिजिटल युग की मांग को समझते हुए वे अपनी लेखनी और वीडियो, दोनों माध्यमों से नवभारत टाइम्स के पाठकों से जुड़ते हैं। उनमें किसी भी सामान्य खबर को राष्ट्रीय विमर्श (National Narrative) बनाने की अद्भुत क्षमता है। वे केवल समाचार देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खबर के पीछे के नैतिक मूल्यों और उसके व्यापक प्रभाव को गहराई से परखते हैं।
अपने पत्रकारिता सफर का आगाज सुनील ने प्रतिष्ठित पाक्षिक पत्रिका ‘माया’ से किया, जिसके बाद उन्होंने विभिन्न समाचार पत्रों के लिए स्वतंत्र स्तंभकार (कॉलमनिस्ट) के रूप में अपनी लेखनी को धार दी। ETV न्यूज की संपादकीय टीम के साथ संपादन और रिपोर्टिंग के गुर सीखने के बाद, उन्होंने ज़ी मीडिया और नेटवर्क 18 जैसे बड़े संस्थानों में एक लंबा समय बिताया। प्रिंट और टीवी न्यूज़ के व्यापक अनुभव के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया। न्यूज़ इकोसिस्टम की गहरी समझ विकसित की। वर्तमान में वे टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवभारत टाइम्स ऑनलाइन’ में अपनी धारदार पत्रकारिता को जारी रखे हुए हैं।
सुनील पाण्डेय की शैक्षणिक नींव ‘पूरब का ऑक्सफोर्ड’ माने जाने वाले पटना विश्वविद्यालय में पड़ी। यहां से ग्रेजुएशन और मास्टर के साथ ही उन्होंने पत्रकारिता की डिग्री भी प्राप्त की। वे समाचारों के विभिन्न स्रोतों के विश्लेषणात्मक अध्ययन और सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों जैसे गंभीर विषयों पर अपनी लेखनी और व्याख्यानों के माध्यम से निरंतर विचार साझा करते रहते हैं। पत्रकारिता करियर के दौरान कई अवॉर्ड से सुनील पाण्डेय को सम्मानित किया जा चुका है।… और पढ़ें