बाब अल मंदेब के मुहाने पर मिसाइल और ड्रोन तैनात, हूतियों को ईरान से अटैक ऑर्डर का इंजतार! – Saudi arab Houthi bob al mandeb strait of hormuz closed world economy ntcppl


ईरान ने अपने प्रॉक्सी हूती को लाल सागर बंद करने को कह दिया है. रॉयटर्स के हवाले से खबर है कि ईरान ने हूती को कहा है कि अगर अमेरिका उसके बिजली घर को निशाना बनाए तो फिर वो लाल सागर के समुद्री रास्ते को बंद कर दे. लाल सागर को बंद करने का मतलब है दुनिया के दूसरे समुद्री मार्ग बाब अल मंदेब का बंद हो जाना. होर्मुज स्ट्रेट तो पहले से ही बंद है, ऐसे में अगर बाब अल मंदेब भी बंद हो जाएगा तो दुनिया का समुद्री व्यापार ठप हो जाने की आशंका है. अगर ऐसा होता है तो ग्लोबल एनर्जी सप्लाई के लिए एक नया और बड़ा खतरा पैदा हो गया है. 

मामले की जानकारी रखने वाले दो सीनियर ईरानी सूत्रों और एक क्षेत्रीय सूत्र ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक की लीडरशिप में इस बारे में चर्चा हुई है और यह संदेश ईरान के सहयोगी हूती गुट तक पहुंचा दिया गया है. 

इस मामले में न तो ईरान ने कोई प्रतिक्रिया दी है और न ही हूती गुट ने कुछ जवाब दिया है. 

सूत्रों के अनुसार हूतियों ने बाब अल-मंदेब के पास ड्रोन तैनात किए हैं. हूतियों के करीबी एक सूत्र ने बताया कि उन्होंने ‘बाब अल-मंदेब स्ट्रेट’ के पास मिसाइलें और ड्रोन तैनात करके जहाजों पर हमले की तैयारी पूरी कर ली है और वे हमले शुरू करने के आदेश का इंतजार कर रहे हैं. 

रेड सी और उसके बाब अल-मंडेब गेटवे पर कोई भी खतरा ईरान के होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने से शुरू हुए ग्लोबल एनर्जी संकट को बहुत ज़्यादा बढ़ा सकता है. ये घटनाक्रम लड़ाई के नए दौर से होने वाले खतरनाक खतरों को भी दिखाता है. 

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होर्मुज स्ट्रेट पहले से ही बंद है, इसलिए रेड सी में जहाजों या पोर्ट पर हूती के किसी भी हमले से मिडिल ईस्ट के दो मुख्य तेल एक्सपोर्ट रूट एक साथ रुक जाएंगे. इससे पैदा होने वाली स्थिति की सिर्फ कल्पना ही की जा सकती है. 

हूतियों के करीबी सोर्स ने कहा कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के रिप्रेजेंटेटिव जो पहले से ही यमन में हैं, बाब अल-मंदेंब स्ट्रेट को कब बंद करना है, इस बारे में फैसला करेंगे. 

इलाके में बढ़ते तनाव के बीच हूतियों ने सऊदी अरब पर मिसाइलें दागीं हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सऊदी अरब ने सोमवार को उनके कब्ज़े वाले एक एयरपोर्ट पर बमबारी की थी. इस घटना के साथ ही, सऊदी अरब और हूती गुट के बीच चार साल से चल रही युद्ध-विराम संधि टूट गई है. 

रिस्क इंटेलिजेंस कंपनी ‘वेरिस्क मेपलक्रॉफ्ट’ के मिडिल ईस्ट मामलों के मुख्य एनालिस्ट टोरब्योर्न सोल्वडेट ने कहा कि हूती और सऊदी अरब के बीच तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब हालात पहले से ही मुश्किल हैं. 

उन्होंने कहा, “अगर लड़ाई और तेज़ होती है और रेड सी में एक्सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और शिपिंग तक फैलती है, तो इससे इस इलाके से तेल एक्सपोर्ट के लिए मौजूद एकमात्र बड़े वैकल्पिक रास्ते पर खतरा मंडराने लगेगा.”

रियाद के करीबी दो क्षेत्रीय सूत्रों ने बताया कि सऊदी अरब ईरान और हूती से मिल रही धमकियों को बहुत गंभीरता से ले रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि रियाद को इस बात की जानकारी है कि यमनी समूह अब रेड सी के मामले में ईरान के साथ मिलकर काम कर रहा है. 

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