बैंक हड़ताल अलर्ट: सितंबर में इन तारीखों पर बंद रहेंगे बैंक, चेक करें अपना जरूरी काम
अगर आपका बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम पेंडिंग है, तो कैलेंडर में तीन तारीखें तुरंत नोट कर लें। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने अपनी मांगों को लेकर 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इसके बाद 28 से 30 सितंबर तक लगातार तीन दिनों तक बैंक हड़ताल रहेगी। अगर इसके बावजूद मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो जाएगी। बैंकों में 5-डे वर्किंग, परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) और पेंशन से जुड़े मुद्दे इस आंदोलन की मुख्य वजह हैं। हड़ताल के चलते देशभर के शहरों में बैंक शाखाओं का कामकाज प्रभावित हो सकता है, जिससे चेक क्लियरिंग और डिमांड ड्राफ्ट (DD) बनने में देरी होने की पूरी आशंका है।
यूनियनों का कहना है कि हफ्ते में 5 दिन काम (5-डे बैंकिंग) की मांग 8 मार्च 2024 के समझौते का पहले से ही हिस्सा है। इसके तहत शनिवार को बैंकों में छुट्टी रहेगी और सोमवार से शुक्रवार तक रोज 40 मिनट अतिरिक्त काम करना होगा। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने सरकार को इसकी सिफारिश भेज दी है, लेकिन मंजूरी अभी पेंडिंग है। वहीं, सीनियर अफसरों के लिए 2024 के PLI फ्रेमवर्क को लेकर विवाद और गहरा गया है, जो फिलहाल सुलह-समझौते की प्रक्रिया और अदालत के विचाराधीन है। बता दें कि 2024 का यह समझौता अलग-अलग कैडर के करीब आठ लाख बैंक कर्मचारियों से जुड़ा है।

सितंबर में बैंक हड़ताल की तारीखें और उनका असर
| तारीख | हड़ताल का प्रकार | ब्रांच के काम पर असर | डिजिटल सेवाओं की स्थिति |
|---|---|---|---|
| 11 सितंबर 2026 | एक दिन की देशव्यापी हड़ताल | कैश जमा/निकासी और चेक/DD क्लियरिंग में देरी की संभावना | ATM, UPI और इंटरनेट बैंकिंग चालू रहने की उम्मीद; स्थानीय स्तर पर ATM में कैश की कमी हो सकती है |
| 28–30 सितंबर 2026 | तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल | लगातार तीन दिनों तक काउंटर सेवा बाधित; चेक क्लियरिंग का बैकलॉग बढ़ेगा | डिजिटल चैनल चालू रहेंगे; कैश और वेंडर पेमेंट का प्लान पहले से बना लें |
| 26 अक्टूबर 2026 से | अनिश्चितकालीन हड़ताल | मामला सुलझने तक लंबे समय के लिए काउंटर सेवाएं प्रभावित होंगी | डिजिटल सेवाएं जारी रहेंगी; बैंक के अपडेट्स पर नजर रखें |
28 से 30 सितंबर की यह हड़ताल बैंकों की छमाही क्लोजिंग के समय पड़ रही है, जिससे चेक का पेंडिंग काम और सैलरी क्रेडिट होने में देरी का खतरा बढ़ गया है। वहीं 11 सितंबर को शुक्रवार पड़ रहा है, जिससे कामकाज पर इसका असर वीकेंड तक खिंच सकता है। इसके अलावा 14 सितंबर को कुछ राज्यों में गणेश चतुर्थी की छुट्टी भी है। हालांकि, प्राइवेट बैंकों पर इसका असर कम होने की संभावना है। हड़ताल के दौरान आमतौर पर ATM, इंटरनेट बैंकिंग और UPI सेवाएं चालू रहती हैं, लेकिन कैश न डाले जाने के कारण कुछ ATM खाली हो सकते हैं। बैंक यूनियनों की हड़ताल में आमतौर पर प्राइवेट बैंकों की तुलना में सरकारी बैंकों का कामकाज ज्यादा प्रभावित होता है।
5-डे बैंकिंग और PLI: किस पर बनी सहमति और क्या है पेंडिंग?
20 अगस्त को मुंबई में हुई द्विपक्षीय बैठक में यूनियनों ने सभी के लिए एक समान PLI दिए जाने की मांग रखी। ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) के सर्कुलर में कहा गया, “हम इस मुद्दे पर चर्चा करने और सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने के लिए तैयार हैं।” सर्कुलर में ध्यान दिलाया गया कि DFS के दिशानिर्देशों के तहत करीब 40,000 सीनियर अफसरों को सालाना बेसिक पे तक का PLI मिल रहा है, जबकि अन्य कर्मचारियों को बैंक के प्रदर्शन के आधार पर केवल 15 दिनों का वेतन दिया जाता है।
बैंक हड़ताल के दौरान ग्राहकों के लिए जरूरी चेकलिस्ट
अगर आपको कैश निकालना है या कोई बड़ा ट्रांजेक्शन करना है, तो 10 सितंबर और 27 सितंबर से पहले ही उसकी योजना बना लें। चेक समय से पहले जमा कर दें और उनके क्लियर होने के लिए अतिरिक्त समय हाथ में रखकर चलें। तुरंत पेमेंट करने के लिए UPI, IMPS, NEFT या RTGS का इस्तेमाल करें। अपनी EMI और ऑटो-डेबिट मैंडेट की तारीखें चेक कर लें और जहां संभव हो ई-मैंडेट का इस्तेमाल करें। कारोबारी अपने कर्मचारियों की सैलरी और वेंडर पेमेंट्स पहले ही निपटा लें, साथ ही अपने शहर के हिसाब से बैंक हेल्पडेस्क से ताजा जानकारी लेते रहें।