बैंक हड़ताल: 28-30 सितंबर को क्या बंद रहेगा? कैश और जरूरी काम निपटा लें अभी
28 से 30 सितंबर के बीच तीन दिनों की बैंक हड़ताल हो सकती है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने इस हड़ताल का आह्वान किया है। हड़ताल के दौरान बैंकिंग सेवाएं ठप न हों, इसके लिए सरकार आज यानी 21 सितंबर को सरकारी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के प्रमुखों के साथ अहम बैठक कर रही है। इसमें सेवाओं को जारी रखने और इमरजेंसी प्लान पर चर्चा होगी। ऐसे में अगर आप कैश की किल्लत और काम में देरी से बचना चाहते हैं, तो इस हफ्ते तुरंत अपने बैंक से जुड़े काम निपटा लें।
हड़ताल के दौरान बैंक शाखाओं में कैश काउंटर, चेक जमा करने, लॉकर इस्तेमाल करने और पासबुक अपडेट जैसे काम प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा, चेक क्लियरिंग और NACH (ऑटो-डेबिट) की प्रक्रिया में भी ज्यादा समय लग सकता है। हालांकि, ATMs और UPI सेवाएं चलती रहेंगी, बस एटीएम में कैश खत्म होने पर रिलोड में देरी हो सकती है। IMPS सुविधा भी सामान्य रूप से काम करने की उम्मीद है। ग्रामीण इलाकों में बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (BC) की सेवाएं सीमित हो सकती हैं। इसलिए डिजिटल बैंकिंग का ज्यादा इस्तेमाल करें और जरूरत के मुताबिक घर में थोड़ा कैश जरूर रखें।

बैंक हड़ताल (28-30 सितंबर): किस सेवा पर क्या पड़ेगा असर, देखें पूरी लिस्ट
| बैंकिंग सेवा | संभावित स्थिति (28–30 सितंबर) | 26 सितंबर तक क्या करें? |
|---|---|---|
| शाखाओं के कैश काउंटर | सीमित सेवाएं या बंद | जरूरी कैश निकाल लें; जमा का काम पहले ही निपटाएं |
| चेक डिपॉजिट/क्लियरिंग (CTS) | देरी संभव है | 26 सितंबर सुबह तक चेक जमा करें; अर्जेंट होने पर UPI/IMPS का इस्तेमाल करें |
| NACH ई-मैंडेट/ऑटोपे (Auto-pay) | बैंक के स्तर पर देरी हो सकती है | 27 सितंबर तक खाते में पर्याप्त बैलेंस रखें; बैकअप तरीका तैयार रखें |
| एटीएम से कैश निकासी | सेवा चालू रहेगी; कैश डालने में असर संभव | पास में थोड़ा कैश रखें; आसपास के अन्य एटीएम का पता रखें |
| UPI/IMPS/नेटबैंकिंग | सामान्य रहने की उम्मीद | ऑटो-पे डिटेल्स जांच लें; बेनेफिशियरी की जानकारी सही रखें |
| RTGS/NEFT | चालू रहेगा; प्रोसेसिंग में समय लग सकता है | बड़े ट्रांजैक्शन दिन के समय ही करें |
| लॉकर/पासबुक अपडेट | सेवाएं बंद रहने की आशंका | समय रहते लॉकर विजिट और पासबुक प्रिंट करा लें |
| कस्टमर केयर/हेल्पलाइन | लाइन्स व्यस्त रह सकती हैं | बैंक ऐप, वॉट्सऐप या ईमेल का सहारा लें |
हड़ताल के दौरान NEFT, RTGS और चेक क्लियरिंग का क्या होगा?
रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) और नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर (NEFT) की सुविधाएं 24 घंटे चालू रहती हैं। हालांकि, अगर आप पहली बार किसी नए बेनेफिशियरी को बड़ा अमाउंट भेज रहे हैं, तो वेरिफिकेशन और सिक्योरिटी चेक के कारण इसमें वक्त लग सकता है। इसलिए, बड़े पेमेंट बैंक के कामकाजी घंटों के दौरान ही शेड्यूल करें ताकि कोई दिक्कत आने पर तुरंत समाधान हो सके। वहीं, चेक ट्रंकेशन सिस्टम (CTS) से चेक क्लियरिंग स्थानीय कट-ऑफ समय पर निर्भर करती है। ऐसे में हड़ताल से पहले सेटलमेंट के लिए 26 सितंबर तक चेक हर हाल में जमा कर दें।
बैंक हड़ताल से पहले ग्राहकों के लिए जरूरी चेकलिस्ट (26 सितंबर तक निपटाएं ये काम)
ATM कार्ड, UPI और ऑटो-डेबिट से जुड़े खातों में पर्याप्त बैलेंस बनाए रखें। सैलरी, लोन ईएमआई (EMI) और बिजली-पानी के बिलों के ऑटो-डेबिट (NACH) पेमेंट को री-चेक कर लें। किसी को पैसे भेजने हों तो पहले से बेनेफिशियरी जोड़कर एक छोटा टेस्ट ट्रांजैक्शन कर लें। कैश या चेक जमा करने हों, तो यह काम पहले ही कर लें। शुक्रवार और शनिवार के लिए अपनी नजदीकी बैंक शाखा का समय देख लें और सोमवार की भीड़ से बचें।
बैंक हड़ताल को लेकर चल रही बातचीत पर रखें नज़र
हड़ताल के दौरान वैकल्पिक व्यवस्थाओं के लिए सरकार और सरकारी बैंकों के बीच होने वाली बैठकों पर नजर रखें। प्राइवेट बैंकों की ओर से जारी सलाह (Advisories) भी जरूर देखें, क्योंकि उनके कुछ ब्रांचों में सीमित सेवाएं मिल सकती हैं। छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में बैंक मित्र या बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट की मौजूदगी के बारे में पता कर लें। सैलरी ट्रांसफर और EMI की तारीखों को 28 सितंबर से पहले ही शेड्यूल कर लें। अगर सरकार और यूनियनों की बातचीत नाकाम रहती है, तो यूनियन आगे भी कड़े कदम उठा सकती हैं।
आज यानी 21 सितंबर को हो रही बैठक से हड़ताल टलने या इसका असर कम होने की थोड़ी उम्मीद जरूर है। फिर भी, 30 सितंबर तक बैंक शाखाओं के कामकाज में थोड़ी-बहुत रुकावट मानकर ही अपनी प्लानिंग करें। गुरुवार या शुक्रवार तक बैंक से जुड़े अपने सारे बड़े और जरूरी काम निपटा लें और इसके बाद डिजिटल माध्यमों (UPI, नेटबैंकिंग) का ही इस्तेमाल करें। बाद में पेमेंट अटकने की टेंशन से बेहतर है कि आज ही सही प्लानिंग के साथ तैयारी कर ली जाए।