भारतीय वर्कर्स के लिए जरूरी खबर, अमेरिका की इन 4 कंपनियों से H-1B वीजा पर ना लें जॉब, सरकार ने लगाया बैन – us updates list of 4 comapnies barred from h1b visa program indian workers should be alert with job offer


US H-1B Visa Updates: अमेरिका में भले ही H-1B वीजा जॉब के लिए काफी पॉपुलर है, लेकिन इसके साथ भी सावधानी बरतना जरूरी होता है। यहां पर कई सारी ऐसी कंपनियां हैं, जो जॉब ऑफर करती हैं, लेकिन उन्हें स्पांसरशिप का अधिकार नहीं होता है।

अमेरिका का वीजा (फोटो- Freepik)
अमेरिका का वीजा (फोटो- Freepik)
US H-1B Visa News: अमेरिका में H-1B वीजा पर जॉब करने की प्लानिंग कर रहे भारतीय वर्कर्स के लिए जरूरी खबर है। यूएस डिपार्टमेंट ऑफ लेबर (DOL) ने उन कंपनियों की लिस्ट अपडेट कर दी है, जिनके H-1B वीजा प्रोग्राम में हिस्सा लेने पर बैन लगाया गया है। कुल मिलाकर 4 ऐसी कंपनियां हैं, जिन्हें H-1B नियमों का ‘विलफुल वायलेटर्स’ यानी ‘इरादतन उल्लंघन करने वाला’ घोषित किया गया है। ये अपडेटेड लिस्ट अब लागू हो चुकी है।

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लिस्ट को अपडेट करने का जिम्मा ‘वेज एंड आवर डिवीजन’ के पास है। इसमें ऐसी कंपनियों की पहचान की जाती है, जिन्हें एक निश्चित अवधि के लिए H-1B प्रोग्राम से डिबार (प्रतिबंधित) किया गया है। इस लिस्ट में शामिल कंपनियां डिबार्मेंट अवधि के दौरान H-1B याचिकाएं दाखिल करने से अस्थायी रूप से प्रतिबंधित हैं। अगर आपको इनमें से किसी भी कंपनी से जॉब ऑफर मिलता है, तो फिर अलर्ट रहना है, क्योंकि इनके पास स्पांसरशिप का अधिकार नहीं है।

H-1B डिबार्मेंट लिस्ट में कौन शामिल हैं?

  • लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक, निम्नलिखित कंपनियों को ‘विलफुल वायलेटर्स’ माना गया है।
  • GowraTech, LLC
  • Renotek Group LLC
  • Seeloz, Inc.
  • Sherwood at Mount Dora, Inc. dba Sherwood Academy

‘विलफुल वायलेटर्स’ किसे माना जाता है?

डिपार्टमेंट ऑफ लेबर के मुताबिक, ‘विलफुल वायलेटर्स’ की लिस्ट में वो कंपनियां आती हैं, जो निम्नलिखित कैटेगरी में फिट होती हैं।

  • उल्लंघन का निष्कर्ष या तो इसमें दर्ज किया गया हो:
  • इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट (INA) के सेक्शन 212(n)(2) के तहत डिपार्टमेंट ऑफ लेबर की कार्यवाही, या
  • INA के सेक्शन 212(n)(5) के तहत डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस की कार्यवाही।
  • एजेंसी यह पाती है कि कंपनी ने या तो:
  • लेबर कंडीशन एप्लीकेशन (LCA) शर्तों का पालन करने में जानबूझकर विफलता दिखाई है, या
  • LCA घोषणाओं से संबंधित किसी महत्वपूर्ण तथ्य को गलत तरीके से पेश किया है।
  • यह निष्कर्ष 21 अक्टूबर, 1998 को या उसके बाद दर्ज किया गया था।

‘विलफुल वायलेटर्स’ घोषित होने पर क्या होता है?

एक विलफुल वॉयलेटर को उल्लंघन के फैसले के 5 साल के भीतर अपने जरिए दाखिल किए जाने वाले किसी भी लेबर कंडीशन एप्लीकेशन (LCA) के लिए अतिरिक्त घोषणाओं या कहें अटेस्टेशन का पालन करना होगा, जब तक कि LCA का इस्तेमाल विशेष रूप से छूट प्राप्त H-1B वर्कर के लिए न किया जाए। विलफुल वॉयलेटर्स और H-1B पर निर्भर कंपनियों को LCA दाखिल करते समय बताना होगा कि उन्होंने H-1B हायरिंग के लिए किसी अमेरिकी वर्कर को नौकरी से निकालक जगह नहीं बनाई है।

कंपनी को ये भी साबित करना होगा कि वो किसी अमेरिकी वर्कर को निकालकर उसकी जगह H-1B हायरिंग नहीं कर रहे हैं। उन्होंने हमेशा एक अमेरिकी वर्कर को हायर करने की इच्छा रखी है। उन्होंने आवेदन करने वाले किसी भी समान रूप से या बेहतर योग्यता वाले अमेरिकी वर्कर को जॉब ऑफर दिया है।

अनवर अंसारी

लेखक के बारे मेंअनवर अंसारीअनवर अंसारी, नवभारत टाइम्स डिजिटल में बतौर कंसल्टेंट काम कर रहे हैं। वह पिछले एक साल से विदेश में पढ़ाई, नौकरी, फॉरेन यूनिवर्सिटीज में एडमिशन और वीजा संबंधी खबरें कवर कर रहे हैं। इससे पहले अनवर ने अमर उजाला, टीवी9 भारतवर्ष और एबीपी न्यूज जैसे संस्थानों में काम किया है। वे नेशनल और इंटरनेशनल न्यूज पर काम कर चुके हैं। देश-विदेश से जुड़ी घटनाओं पर लिखने के अलावा उन्हें डिफेंस और नॉलेज स्टोरीज लिखने का भी अनुभव है। अनवर ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है।और पढ़ें