डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत ने मंगलवार को कहा कि उसने कनाडा की पुलिस के उस बयान पर गौर किया है, जिसमें कहा गया कि खालिस्तान समर्थक आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की 2023 में हुई हत्या की जांच कर रहे अधिकारियों को मामले में भारतीय सरकारी एजेंट की संलिप्तता का कोई सुबूत नहीं मिला है। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित अपराध से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है।
रायल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) की उपायुक्त लिसा मोरलैंड का यह बयान पिछले सप्ताह उस समय आया था, जब अमेरिकी अधिकारियों ने जेल में बंद गैंग्सटर लारेंस बिश्नोई और उसके सहयोगी गोल्डी बराड़ पर निज्जर की हत्या कराने का आरोप लगाया। मोरलैंड का यह बयान कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों के उलट है, जिसमें उन्होंने निज्जर की हत्या को भारतीय एजेंटों से जोड़ा था।
रणधीर जायसवाल ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमने अमेरिका के न्याय विभाग की उन घोषणाओं पर गौर किया है, जो कई देशों में संचालित अंतरराष्ट्रीय संगठित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ आरोप तय करने और कानूनी कार्रवाई से जुड़ी हैं।
उन्होंने कहा कि भारत का हमेशा से यह मानना रहा है कि सीमा-पार संगठित अपराध, आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी, हथियारों की तस्करी और संबंधित आपराधिक नेटवर्क हमारे समाज के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। भारत आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध से निपटने के लिए अपने साझेदारों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नीरव मोदी का प्रत्यर्पण
विदेश मंत्रालय ने मंगलवार केा कहा कि भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ब्रिटेन से भारत लाया जाएगा। वह करीब दो अरब डालर के पंजाब नेशनल बैंक ऋण घोटाले से जुड़े धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग के मामलों में वांछित है।
भारत लगातार ब्रिटेन के समक्ष उसके प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाता रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि मामले में कानूनी कार्यवाही चल रही है और यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे भारत प्रत्यर्पित कर दिया जाएगा।