शाहनवाज अली, गाजियाबाद। भारतीय टेक्सटाइल उद्योग में स्वदेशी तकनीकों के विकास और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में उत्तरी भारत वस्त्र अनुसंधान संघ (निटरा) ग्लोबल टेक्सटाइल एक्सपो भारत टेक्स-2026 के दौरान दो महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर करेगा।
निटरा महानिदेशक के अनुसार ये समझौते उद्योग और अनुसंधान संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करने के साथ स्वदेशी तकनीक और उन्नत टेक्सटाइल उत्पादों के विकास को गति देंगे।
वस्त्र मंत्रालय के सहयोग से भारत टेक्स-2026 में होने वाले दोनों एमओयू निटरा की नवाचार कार्यशैली और उद्योग अनुसंधान को मजबूत करेंगे। निटरा महानिदेशक डा. एमएस परमार के अनुसार प्रयोगशालाओं में विकसित स्वदेशी तकनीकों को उद्योग तक पहुंचाना, उनके व्यावसायीकरण को गति देना और भारतीय टेक्सटाइल क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।
तकनीकी क्षेत्र में भारत की क्षमता होगी और मजबूत
ट्रूप कम्फर्ट्स लिमिटेड (टीसीएल) और नेशनल रिसर्च डेवलपमेंट कारपोरेशन (एनआरडीसी) के साथ निटरा के एडवांस एवं प्रोटेक्टिव टेक्सटाइल और तकनीकी हस्तांतरण होगा। इससे आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।
रक्षा मंत्रालय के अधीन भारत सरकार का उपक्रम टीसीएल के साथ समझौते के तहत एडवांस और प्रोटेक्टिव टेक्सटाइल के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास, उत्पाद नवाचार, तकनीकी हस्तांतरण किया जाएगा।इससे रक्षा क्षेत्र के लिए अत्याधुनिक और स्वदेशी टेक्सटाइल उत्पाद विकसित करने के साथ-साथ तकनीकी वस्त्रों के क्षेत्र में भारत की क्षमता और मजबूत होगी।
विज्ञानियों के शोध तय कर रहे नए आयाम
निटरा महानिदेशक डा. एमएस परमार ने करीब 18 वर्षों से खरपतवार रेशों पर शोध करते हुए बड़ी सफलता हासिल की। हाड़ गला देने वाली ठंड़ और बर्फ के बीच शरीर को गर्म रखने वाले बीड फाइबर की खोज की है। इससे तैयार स्लिपिंग बैग, जैकेट, कैप, पैरों के लिए गेटर सियाचीन की बर्फीली पहाड़ियों पर तैनात खून जमा देने वाली ठंड़ में सेना के जवानों के शरीर के लिए मुफीद हैं।
दूसरा यहां के विज्ञानियों ने रक्षा और सुरक्षा के लिए कई खास फैब्रिक पर सफल शोध किए हैं, जिनमें आग का तापमान 449 डिग्री होने पर भी नहीं जलने देगा। यह अग्निशमन कर्मियों को ध्यान में रखते हुए खास तौर पर तैयार किया गया है। यह स्वदेसी के साथ सस्ती, सुरक्षित और आरामदायक है।
भारत टेक्स 2026 में दिखेगा प्रधानमंत्री मोदी का एफ-5 विजन
- फार्म : खेती-बाड़ी के क्षेत्र से सीधे कच्चा माल लेना
- फाइबर : खेती से मिली उपज से धागा और फाइबर बनाना और प्रोसेस करना
- फैब्रिक: फाइबर को बुनकर और प्रोसेस करके तैयार कपड़ा बनाना
- फैशन : कपड़े और लाइफ स्टाइल से जुड़ी दूसरी चीज़ों की डिजाइनिंग और मैन्युफ़ैक्चरिंग करना
- फोरेन (विदेशी) : तैयार सामान की मार्केटिंग करना और उसे ग्लोबल मार्केट में एक्सपोर्ट करना