भारी बारिश में गाड़ी डूबी? गलती से भी न करें ये काम, वरना रिजेक्ट होगा इंश्योरेंस क्लेम! | Flood Insurance Claim Guide: How To Protect Your Car And Home During Heavy Rain In 2026


भारी बारिश में गाड़ी डूबी? गलती से भी न करें ये काम, वरना रिजेक्ट होगा इंश्योरेंस क्लेम!

मौसम विभाग (IMD) ने आज, रविवार, 23 अगस्त को कई शहरों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में भारी नुकसान और इंश्योरेंस क्लेम की अड़चनों से बचने के लिए शुरुआती एक घंटा बेहद अहम होता है। पानी का स्तर कहाँ तक पहुँचा है, इसकी तुरंत फोटो खींचें और वीडियो बना लें—चाहे गाड़ी का डैशबोर्ड हो, घर की वायरिंग, बिजली के सामान, मीटर बॉक्स या फिर कमरे। इसके अलावा, अपने बिल, सीरियल नंबर और पॉलिसी नंबर को फोन, ईमेल और किसी डायरी में सुरक्षित नोट कर लें।

अगर आपकी कार पानी में डूब गई है, तो उसे गलती से भी स्टार्ट करने की कोशिश न करें। एक बार चाबी घुमाने (क्रैंकिंग) से भी इंजन में हाइड्रोस्टेटिक लॉक (Hydrostatic Lock) हो सकता है और पूरा इंजन सीज हो सकता है। तुरंत अपनी इंश्योरेंस कंपनी को फोन करें, टोइंग की रिक्वेस्ट डालें और अगर सुरक्षित हो तो गाड़ी की बैटरी डिस्कनेक्ट कर दें। दरवाजों और सीटों की बैक पर पानी के निशान की फोटो या वीडियो जरूर बनाएं। अगर आपकी पॉलिसी में ‘इंजन प्रोटेक्ट’ (Engine Protect) और ‘जीरो डेप्रिसिएशन’ (Zero Dep) ऐड-ऑन हैं, तो जेब से होने वाला खर्च काफी कम हो जाता है। बिना इंजन प्रोटेक्ट कवर के, हाइड्रोस्टेटिक लॉक को आमतौर पर लापरवाही मानकर क्लेम रिजेक्ट कर दिया जाता है। 24 से 48 घंटे के भीतर क्लेम की जानकारी इंश्योरेंस कंपनी को दें और टोइंग व सर्वेयर का इंतजार करें।

Flood Insurance Claim Guide: How to Protect Your Car and Home During Heavy Rain in 2026

IMD का भारी बारिश का अलर्ट: मोटर और होम इंश्योरेंस क्लेम करने के आसान स्टेप्स

घर और दुकान के मामले में ध्यान रखें कि स्ट्रक्चर कवर (मकान का ढांचा) और कंटेंट कवर (अंदर का सामान) के क्लेम अलग-अलग प्रोसेस होते हैं। सफाई शुरू करने से पहले खराब हुए सामान, दीवारों और फर्श के नुकसान की तस्वीरें जरूर खींचें। घर का मेन स्विच बंद कर दें और हर सॉकेट व ब्रेकर की फोटो लें। याद रखें, चोरी होने पर ही एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाती है, बाढ़ से हुए नुकसान के लिए नहीं। खरीदारी के बिल, मरम्मत का अनुमानित खर्च (Repair Estimate) और तकनीशियन की रिपोर्ट संभाल कर रखें। मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, कोलकाता, चेन्नई या गुवाहाटी जैसे शहरों में नेटवर्क गुल होने की स्थिति से बचने के लिए अपने सभी सबूत ऑफलाइन भी सेव कर लें।

जलभराव और भीगे गैजेट्स: क्या करें और क्या करने से बचें

भीगे हुए फोन या लैपटॉप को चार्ज पर न लगाएं। इसे सुखाने के लिए हवा का सहारा लें, धूप या ड्रायर जैसी तेज गर्मी न दें। चावल के डिब्बे में फोन रखने वाले नुस्खों से बचें; इसकी जगह सिलिका जेल का इस्तेमाल करें या सीधे सर्विस सेंटर जाएं। शॉर्ट सर्किट से हुए नुकसान का क्लेम करने के लिए खरीदारी का बिल और तकनीशियन की रिपोर्ट की जरूरत होगी। केवल डिलीवरी न मिलने या सामान टूटा हुआ आने पर ही UPI हेल्प या कार्ड चार्जबैक की मदद लें। फर्जी कॉल से सावधान रहें और सर्वेयर की पहचान इंश्योरेंस कंपनी के ऐप या वेबसाइट से ही वेरीफाई करें। क्लेम का पैसा सीधे NEFT या IMPS के जरिए आपके बैंक खाते में आएगा।

FD और अन्य विकल्पों की ब्याज दरों की तुलना: 5, 10 और 15 सालों के रिटर्न का हिसाब

निवेश विकल्प अनुमानित दर (वार्षिक) 5 साल (रु.) 10 साल (रु.) 15 साल (रु.)
सेविंग्स अकाउंट 3.5% 1,18,770 1,41,060 1,67,400
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) 7.0% 1,40,255 1,96,715 2,75,903
शॉर्ट-ड्यूरेशन डेट फंड 6.0% 1,33,822 1,79,085 2,39,656

यह तुलना सिर्फ उदाहरण के लिए है, जिसमें 1 लाख रुपये के मूलधन पर सालाना कंपाउंडिंग और टैक्स से पहले का रिटर्न दिखाया गया है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच ध्यान रखें कि इस समय फुर्ती दिखाना सबसे ज्यादा जरूरी है। तुरंत क्लेम की सूचना दें, सभी सबूत सहेज कर रखें और इंश्योरेंस कंपनी के निर्देशों का पालन करें। सबसे बड़ी बात—पानी में डूबी गाड़ी को स्टार्ट न करें, आपकी यह एक सावधानी आपको लाखों रुपये के नुकसान से बचा सकती है।



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