मलबे से पत्नी को भेजी ‘आखिरी सेल्फी’: पुणे हादसे में 9 घंटे मौत से लड़ा विजय; जब सांसें उखड़ने लगीं तो आई रेस्क्यू टीम – pune moshi garbage plant collapse Survivor vijay sapkal Selfie Before Rescue operation death toll lcln


महाराष्ट्र के पुणे के मोशी इलाके में स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट में हुए भीषण हादसे में मरने वालों की संख्या में बड़ा और दर्दनाक इजाफा हुआ है. शनिवार को बचाव दल ने मलबे से सात और कर्मचारियों के शव बरामद किए हैं, जिसके बाद इस हादसे में जान गंवाने वालों की कुल संख्या बढ़कर 8 हो गई है. हादसे के वक्त इमारत में कुल 23 लोग मौजूद थे, जिनमें से 14 को अब तक सुरक्षित निकाला जा चुका है. वहीं, मलबे में दबे आखिरी एक व्यक्ति की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी युद्ध स्तर पर जारी है. पत्नी को भेजा आखिरी मैसेज…

इसी बीच इस हादसे से जिंदा बाहर निकले विजय सपकाळ की कहानी हर किसी की आंखें नम कर रही है. मलबे में दबे विजय को लगा कि अब उनका बचना नामुमकिन है. उन्होंने अपनी पत्नी को ‘आखिरी सेल्फी’ भेजी और मैसेज किया, “मैं बिल्डिंग के नीचे दबा हूं… जल्दी आओ…”

करीब 9 घंटे तक विजय मलबे के नीचे फंसे रहे. उनके पैर पर भारी खंभा गिरा था, चारों तरफ कांच के टुकड़े और मलबा फैला था. कूड़े के ढेर से निकल रही मीथेन गैस की वजह से सांस लेना भी मुश्किल हो रहा था. इसके बावजूद विजय ने हिम्मत नहीं हारी. वे लगातार अपने साथ फंसे लोगों को आवाज देकर उनका हाल पूछते रहे और एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते रहे. देखें VIDEO:- 

बुधवार दोपहर हादसे के वक्त विजय समेत 15 से 16 कर्मचारी पहली मंजिल की कैंटीन में खाना खा रहे थे, तभी अचानक कूड़े का पहाड़ इमारत पर आ गिरा और देखते ही देखते पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो गई.

9 घंटे तक जगाए रखी उम्मीद, भगवान का नाम जपते रहे

विजय बताते हैं कि मलबे में दबे हुए उन्हें अपनी पत्नी, अपने बेटे और पूरा परिवार आंखों के सामने दिखाई दे रहा था. उन्हें लग रहा था कि अब मौत तय है. वे लगातार भगवान का नाम जपते रहे.

आखिरकार 9 घंटे बाद रेस्क्यू टीम ने उन्हें जिंदा बाहर निकाल लिया. फिलहाल उनका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है. विजय इसे भगवान का चमत्कार मानते हैं. उनके साथ एक और महिला कर्मचारी बच गयी है. देखें VIDEO:- 

उधर, इस हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका की ओर से 10 लाख रुपये, महाराष्ट्र सरकार की ओर से 5 लाख रुपये और संबंधित ठेकेदार की ओर से 25 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की गई है. साथ ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया है.

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