मुंबई पुलिस का बड़ा एक्शन: 669 सिम कार्ड से चल रहा था इंटरनेशनल OTP रैकेट, ऐसे बचाएं अपना बैंक अकाउंट | Mumbai Police Busts International OTP Farming Racket: How To Secure Your WhatsApp And Bank Account


मुंबई पुलिस का बड़ा एक्शन: 669 सिम कार्ड से चल रहा था इंटरनेशनल OTP रैकेट, ऐसे बचाएं अपना बैंक अकाउंट

मुंबई पुलिस ने 18 सितंबर को एक बड़े इंटरनेशनल OTP-फार्मिंग रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने 669 सिम कार्ड और 100 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जांचकर्ताओं के मुताबिक, यह गिरोह बड़े पैमाने पर विदेशी ठगों को भारतीय वॉट्सऐप नंबर सप्लाई कर रहा था। शुरुआती जांच से पता चला है कि कंबोडिया में बैठे हैंडलर्स इन नंबरों के जरिए भारतीयों को इन्वेस्टमेंट स्कैम का शिकार बना रहे थे। यह पूरा मामला सीधे तौर पर आपके वॉट्सऐप, UPI और बैंक खातों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा करता है।

ओटीपी फार्मिंग (OTP farming) असल में थोक में सिम कार्ड का इस्तेमाल करके फर्जी अकाउंट बनाने और वेरिफिकेशन बायपास करने का एक संगठित जरिया है। जालसाज पहले बड़ी संख्या में सिम एक्टिवेट करते हैं, फिर उनसे आने वाले ओटीपी निकालकर वेरीफाइड वॉट्सऐप अकाउंट बेच देते हैं। इसमें सिम केवाईसी (KYC) का भी गलत इस्तेमाल होता है, जहां एजेंट फर्जी या चोरी किए गए डॉक्यूमेंट्स पर सिम जारी कर देते हैं। इन फर्जी पहचानों की आड़ में ही ठग भारतीय नंबरों से बेखौफ होकर लोगों को मैसेज भेजते हैं। मुंबई पुलिस के अनुसार, इस सिंडिकेट ने कंबोडिया स्थित साइबर क्राइम सेल्स को बड़े पैमाने पर ओटीपी और सिम बेचे थे।

Mumbai Police Busts International OTP Farming Racket: How to Secure Your WhatsApp and Bank Account

क्या है OTP फार्मिंग और सिम KYC का गलत इस्तेमाल?

मुद्दा मुख्य बातें
OTP फार्मिंग थोक में सिम लेकर OTP पाना, बड़े पैमाने पर फर्जी वॉट्सऐप अकाउंट बनाना और साइबर फ्रॉड को बढ़ावा देना।
सिम KYC का गलत इस्तेमाल दुकानों (PoS) पर फर्जी या गलत आईडी का इस्तेमाल; आम लोगों के नाम पर अनजाने में सिम चालू होना।
तुरंत क्या करें? फौरन 1930 पर कॉल करें; cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें; वॉट्सऐप सुरक्षित करें और बैंक/UPI को सूचना दें।

वॉट्सऐप, UPI और बैंक अकाउंट को तुरंत ऐसे सुरक्षित करें

अगर आपके पैसे या बैंक अकाउंट पर किसी तरह का खतरा नजर आए, तो बिना देर किए 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें। इसके तुरंत बाद नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही अपने UPI ऐप और बैंक की हेल्पलाइन पर जाकर धोखाधड़ी की तुरंत रिपोर्ट करें। फर्जी ट्रांजैक्शन की शिकायत दर्ज कराने के लिए BHIM के ‘UPI-Help’ या संबंधित ऐप के सपोर्ट फीचर की मदद लें। बैंक और पुलिस की कार्रवाई में तेजी लाने के लिए ट्रांजैक्शन के स्क्रीनशॉट और रेफरेंस नंबर अपने पास संभालकर रखें।

अपने वॉट्सऐप की सेटिंग्स में जाकर ‘Linked Devices’ ऑप्शन चेक करें और सभी अनजान सेशन को तुरंत लॉगआउट कर दें। वॉट्सऐप में ‘टू-स्टेप वेरिफिकेशन’ ऑन करें और इसे केवल अपने प्राइमरी फोन पर ही दोबारा रजिस्टर करें। इसके अलावा, संचार साथी (Sanchar Saathi) पोर्टल पर जाकर चेक करें कि कहीं आपके नाम से कोई अनजान सिम तो नहीं चल रहा है। अगर ऐसा दिखता है, तो तुरंत टेलीकॉम ऑपरेटर से दोबारा KYC करने और सिम जारी करने की पूरी जांच की मांग करें। दूरसंचार विभाग (DoT) ने अब पॉइंट ऑफ सेल (PoS) रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है और सिम-स्वैप (SIM-swap) फ्रॉड को रोकने के लिए एसएमएस बैन जैसे कड़े नियम लागू किए हैं।

ध्यान रखें, पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी QR कोड स्कैन न करें और न ही किसी अनजान सोर्स से APK फाइल इंस्टॉल करें। अगर कोई फर्जी कॉलर KYC अपडेट कराने के नाम पर एनीडेस्क (AnyDesk) जैसे रिमोट-एक्सेस ऐप डाउनलोड करने को कहे, तो बिल्कुल न करें। CERT-In ने अलर्ट किया है कि फर्जी ई-चालान या RTO ऐप्स के नाम पर मैलवेयर (Malware) फैलाकर ओटीपी चुराए जा रहे हैं। मुंबई में इस हफ्ते सिम-KYC की जांच और संचार साथी पोर्टल से अलर्ट और तेज हो सकते हैं। साइबर ठगी से बचने और नुकसान रोकने का सबसे बेहतरीन तरीका यही है कि समय पर रिपोर्ट करें और डिजिटल सुरक्षा के नियमों का कड़ाई से पालन करें।



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