‘मुख्य आरोपी बाहर, एनकाउंटर सिर्फ…’, कमलेश बिंद मुठभेड़ पर बिफरे योगी के मंत्री – yogi minister Sanjay Nishad furious over Kamlesh Bind encounter Vineet Rai Case says mukhya aaropi bahar hai lcly


गाजीपुर में होटल व्यापारी विनीत राय हत्याकांड में एक लाख के इनामी कमलेश बिंद के एनकाउंटर पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने ही सवाल खड़े कर दिए हैं. मंत्री संजय निषाद ने कहा है कि आरोपी का परिवार भी इस देश का प्रदेश का नागरिक है. जिसका पति खोया हो और वह कह रही हो कि पुलिस उसके सामने पति को पकड़ कर ले गई व पिटाई की गई और एनकाउंटर कर दिया. यह वोट खराब करने का मामला है.

निषाद यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि न्यायालय तय करेगा कि कौन अपराधी है कौन नहीं है… जो जितना बड़ा अपराधी होगा उसको उतनी बड़ी सजा देने का काम न्यायालय का है. आप मुकदमा लिख दो, फिर कोर्ट के सामने पुलिस खड़ी कर दो और सरेंडर भी ना करे. उसको (कमलेश बिंद) किसी अपराधिक मामले में भी कोर्ट ने सजा नहीं दी थी.

कमलेश दुर्दांत अपराधी नहीं था: मंत्री संजय निषाद 
वह इतना बड़ा दुर्दांत अपराधी भी नहीं था. उसको इस वारदात में मुख्य आरोपी भी नहीं बनाया गया. मुख्य आरोपी कोई और है. पुलिस वाले मुख्य आरोपी को तो टच नहीं करेंगे. अभी गाजीपुर हारे हैं, जहां बिंदों की संख्या अधिक है. जौनपुर में भी बिंदों की संख्या अधिक है. प्रधानमंत्री के चारों तरफ हम सभी सीट हार गए हैं. यह अधिकारी क्या कर रहे हैं? इनका एलआईयू क्या कर रहा था. क्यों नहीं पहले से फोर्स लगाई कि वहां पर समाज आंदोलन करने जा रहा है. जब आंदोलन हो गया तो कह रहे रासुका लगा देंगे. यह तो अंग्रेजों के समय की तरह तानाशाही हो गई.

हम इस मामले में मुख्यमंत्री से मिलेंगे. परिवार को मिलाएंगे भी और जांच के बाद दोषियों को सजा दिलाएंगे. कुछ अधिकारी ऐसे हैं, जो माहौल खराब कर रहे हैं. निश्चित रूप से ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. इस तरीके से एनकाउंटर होगा तो निश्चित रूप से 2027 के चुनाव में नुकसान होगा. जब पत्नी कह रही है कि मेरे सामने पकड़कर ले गए और जब पकड़ लिया पिटाई की तो फिर किन परिस्थितियों में एनकाउंटर हुआ? यह गलत है? जो प्रत्यक्षदर्शी है, उसके बयान की भी जांच होनी चाहिए.

पुलिस अपनी-अपनी रक्षा में गोली चलाती है. जब महिला कह रही है कि मेरे सामने पति को पकड़ लिया गया. पकड़ने के बाद उसकी पिटाई हुई तो निश्चित रूप से यह जांच का विषय है. महिलाओं पर रासुका लगाना गलत है. अगर कोई जांच की मांग कर रहा है तो आप रासुका लगा देंगे? ऐसे अधिकारियों को सस्पेंड करना चाहिए. गाजीपुर में महिलाओं पर रासुका लगेगी तो मैं समाज के साथ कल भी खड़ा था और आज भी खड़ा हूं.

अपराधी की कोई जाति नहीं होती
मैं गाजीपुर पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट हूं. कमलेश बिन्द गाजीपुर के विनीत राय हत्याकांड में मुख्य आरोपी नहीं था. गाजीपुर पुलिस में हिम्मत है तो NSA पहले मेरे ऊपर लगाए, तब बाकी लोगों पर NSA लगाए? अगर समाज कोई आंदोलन कर रहा तो NSA लगाना कहां तक उचित है. हम निषाद हैं, पिछड़े हैं और कमजोर हैं तो एनएसए लगा दोगे. जरूरत पड़ेगी तो हम गाजीपुर पुलिस के खिलाफ कोर्ट भी जाएंगे. क्योंकि मुख्य आरोपी बाहर घूम रहा है. 

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