भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानंद ने नॉर्वे चेस 2026 में मैग्नस कार्लसन को दूसरी बार हराने के बाद कहा कि वह कभी भी कार्लसन से भयभीत नहीं होते, बल्कि उनके खिलाफ खेलते समय ज्यादा उत्साहित महसूस करते हैं। प्रज्ञानंद ने कहा कि कार्लसन के खिलाफ मुकाबले हमेशा उनके खेल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बाहर लेकर आते हैं। उन्होंने यह भी माना कि विश्व शतरंज में पीढ़ी परिवर्तन की चर्चा बढ़ा-चढ़ाकर की जा रही है और कार्लसन आज भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं।

कार्लसन और प्रज्ञानंद
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