जागरण संवाददाता, मोहाली। भारतीय सेना समेत विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर भाई-बहन से 15.10 लाख रुपये ठगने के आरोप में माजरी थाना पुलिस ने तीन आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
शिकायत की जांच डीएसपी स्तर के अधिकारी ने की। इसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार खरड़ के गांव मानकपुर शरीफ निवासी नरिंदर कौर और उनके भाई गुरकरण सिंह ने एसएसपी मोहाली को शिकायत दी थी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में रिश्तेदार सुखदेव सिंह के माध्यम से उनकी मुलाकात सेक्टर-43 चंडीगढ़ निवासी गुरप्रीत सिंह सिद्धू, प्रीतम सिंह सिद्धू और सनी एन्क्लेव, खरड़ निवासी पंकज शर्मा से हुई थी। तीनों ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए भारतीय सेना में क्लर्क की नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया।
शिकायत के मुताबिक आरोपितों ने नौकरी लगवाने के बदले 9 लाख रुपये की मांग की। भरोसा दिलाने के बाद एक जुलाई 2021 को 4 लाख रुपये, 6 जुलाई को एक लाख रुपये और 29 जुलाई को 1.50 लाख रुपये नकद ले लिए।
इसके बाद शिकायतकर्ताओं के पास सेना में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद का नियुक्ति पत्र भेजा गया, जिससे उन्हें लगा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी हो रही है। काफी समय बीतने के बाद भी नौकरी नहीं मिलने पर शिकायतकर्ताओं ने आरोपितों से संपर्क किया।
इस पर उन्होंने नया झांसा देते हुए कहा कि अब वे चंडीगढ़ नगर निगम, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट या लुधियाना जिला अदालत में नौकरी दिला देंगे। इसके लिए छह लाख रुपये और मांगे गए। आरोप है कि इस दौरान लुधियाना जिला अदालत का जाॅइनिंग लेटर भी भेजा गया, जो बाद में फर्जी निकला।
पैसे लेने के बाद तोड़ दिया संपर्क
शिकायतकर्ताओं ने आरोपितों के कहने पर अलग-अलग किश्तों में 60 हजार रुपये, एक लाख रुपये, 50 हजार रुपये, 2 लाख रुपये का चेक और 2 लाख रुपये बैंक ट्रांसफर सहित कुल 15 लाख 10 हजार रुपये दे दिए। इसके बावजूद न तो किसी विभाग में नौकरी मिली और न ही रकम वापस की गई। बाद में आरोपितों ने उनसे संपर्क भी बंद कर दिया।
मामले की जांच डीएसपी स्तर पर कराई गई, जिसमें शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर माजरी थाना पुलिस ने गुरप्रीत सिंह सिद्धू, प्रीतम सिंह सिद्धू और पंकज शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।