चंडीगढ़/हरियाणा: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक जोशीले भाषण में कहा कि राज्य के युवाओं में गोल्ड मेडल जीतने का जज्बा और सिविल सेवा में सफल होने की लगन पैदा करने से नशे की समस्या पर निर्णायक प्रहार किया जा सकता है।
सार्वजनिक कार्यक्रम में संबोधित करते हुए सीएम सैनी ने कहा, “हरियाणा के युवाओं में जब गोल्ड मेडल लाने का जज्बा होगा, अधिकारी बनने का जज्बा होगा, तब नशे पर प्रहार होगा।” मंच पर भावुक होकर बोलते हुए उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि खेलों और प्रशासनिक क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने से न सिर्फ व्यक्तिगत जीवन संवरेंगे बल्कि समाज भी नशे की गिरफ्त से मुक्त होगा।
हरियाणा में नशे की लत चुनौती
हरियाणा में नशे की समस्या लंबे समय से चुनौती बनी हुई है। खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के युवाओं में नशीले पदार्थों का सेवन चिंता का विषय है। आसान उपलब्धता, बेरोजगारी, साथियों का दबाव और ड्रग तस्करी के रूट्स की निकटता ने इस समस्या को बढ़ावा दिया है। राज्य सरकार पहले भी जागरूकता अभियान, डी-एडिक्शन सेंटर्स और सख्त एक्शन चला चुकी है, लेकिन सैनी ने अब युवा ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने का नया रास्ता दिखाया है।
खेल सुविधाओं का विस्तार, बेहतर कोचिंग, छात्रवृत्तियां और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। सीएम सैनी ने “गोल्ड मेडल का जोश और अधिकारी बनने का जज्बा” को सांस्कृतिक परिवर्तन का माध्यम बताया, जिससे युवा नशे जैसी कुरीतियों से स्वतः दूर रहेंगे।