राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक लाख युवा नेताओं को तैयार करने के विजन को साकार करने के लिए माय भारत अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि राज्यों में भी आयोजित किए जाएंगे।
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल व श्रम रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने लखनऊ में यह घोषणा करते हुए अधिकारियों से 15 अगस्त तक चल रहे पंजीकरण अभियान को जन आंदोलन बनाने और अधिक से अधिक युवाओं को माय भारत से जोड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में 1500 युवाओं को अभियान से जोड़ा गया।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘विकसित युवा बनाएगा विकसित भारत’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय चिंतन शिविर को संबोधित करते हुए डा. मांडविया ने कहा कि माय भारत केवल एक पोर्टल या पंजीकरण अभियान नहीं, बल्कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने का राष्ट्रीय अभियान है। उद्देश्य ऐसे जिम्मेदार और सक्षम युवा तैयार करना है, जो राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे केवल सरकारी कर्मचारी की भूमिका तक सीमित न रहें, बल्कि युवाओं के मार्गदर्शक और सेवाभाव से काम करने वाले सहयोगी बनें। केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे ने कहा कि माय भारत से अब तक दो करोड़ से अधिक युवा जुड़ चुके हैं। संवाद के बिना किसी समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।
जमीनी स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों के अनुभव और सुझाव ही योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाते हैं, इसलिए चिंतन शिविरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब गांव-गांव तक युवाओं की भागीदारी और नेतृत्व को बढ़ावा मिलेगा।
युवाओं को सामाजिक गतिविधियों और राष्ट्र निर्माण के कार्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। युवा कार्यक्रम विभाग की सचिव डा. पल्लवी जैन गोविल ने कहा कि विभाग का लक्ष्य केवल पंजीकरण बढ़ाना नहीं, बल्कि युवाओं को राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है।
चिंतन शिविर के पहले दिन माय भारत पोर्टल, डिजिटल आनबोर्डिंग, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), वार्षिक कार्ययोजना 2026-27 तथा विभिन्न राज्यों के सफल मॉडलों पर विस्तार से चर्चा हुई।
राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए। इन सुझावों के आधार पर देशभर में युवा कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने की रणनीति तैयार की जाएगी।
यह भी पढ़ें- बलरामपुर समाधान दिवस: जमीन पर जबरन कर रहे कब्जा, थाना पर नहीं हो रही सुनवाई