फ्रेंच ओपन 2026 में खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तुर्किये की टेनिस खिलाड़ी जेनेप सोनमेज महिलाओं के डबल्स मुकाबले के दौरान चोटिल हो गईं, जिसके बाद उन्हें टूर्नामेंट से हटना पड़ा।सोनमेज अपनी जोड़ीदार तात्याना मारिया के साथ दूसरे दौर का मैच खेल रही थीं। मुकाबले के दौरान एक शॉट बचाने की कोशिश में वह बेसलाइन के पीछे लगे लैकोस्टे विज्ञापन बोर्ड से टकरा गईं। टक्कर इतनी तेज थी कि उन्हें तुरंत कोर्ट पर फिजियो की मदद लेनी पड़ी। हालांकि शुरुआती उपचार के बाद उन्होंने खेल जारी रखने की कोशिश की, लेकिन टखने में चोट के कारण आखिरकार उन्हें मैच बीच में छोड़ना पड़ा।
विज्ञापन बोर्ड और रेन टार्प पर बढ़ा विवाद
इस घटना के बाद रोलां गैरों में कोर्ट के बेहद करीब लगाए गए विज्ञापन ढांचे और रेन टार्प को लेकर आलोचना तेज हो गई है। इससे पहले बेल्जियम के युवा खिलाड़ी एलेक्जेंडर ब्लॉकक्स भी अभ्यास सत्र के दौरान गेंद का पीछा करते हुए रेन टार्प से टकराकर चोटिल हो गए थे। खिलाड़ियों और फैंस का कहना है कि बारिश की संभावना नहीं होने के बावजूद इन संरचनाओं को कोर्ट के इतना करीब रखना खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए खतरा बन रहा है। आलोचकों का आरोप है कि आयोजक खिलाड़ियों की सुरक्षा से ज्यादा ब्रांडिंग और स्पॉन्सर प्रमोशन को प्राथमिकता दे रहे हैं।
केटी बोल्टर ने भी उठाई आवाज
ब्रिटिश खिलाड़ी केटी बोल्टर ने भी हाल ही में इसी मुद्दे पर आयोजकों की आलोचना की थी। अनास्तासिया पोटापोवा के खिलाफ मुकाबले के दौरान बोल्टर विज्ञापन बोर्ड से टकराकर गिर गई थीं, जिससे उनका रैकेट भी हाथ से छूट गया था।हालांकि बोल्टर को गंभीर चोट नहीं लगी, लेकिन सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर काफी नाराजगी देखने को मिली। कई यूजर्स ने खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर आयोजकों पर सवाल उठाए। बोल्टर ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, ‘इन चीजों को हटाना होगा। मैं पिछली रात बच गई, लेकिन अगली बार शायद कोई इतना भाग्यशाली न हो।’
THESE THINGS HAVE TO GO. Got lucky last night but next time I might not be… https://t.co/yvVgKbOZAo
— Katie Boulter (@katiecboulter) May 29, 2026
आयोजकों की ओर से अब तक कोई फैसला नहीं
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बावजूद फ्रेंच ओपन प्रबंधन की ओर से अब तक विज्ञापन बोर्ड और अन्य बाधाओं को हटाने को लेकर कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है। ऐसे में खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर बहस लगातार तेज होती जा रही है और अब यह मुद्दा पूरे टेनिस जगत में चर्चा का विषय बन गया है।