रांची-पटना वंदे भारत ट्रेन में आई तकनीकी खराबी, मालगााड़ी के इंजन से खींचने की नौबत; यात्रियों की फजीहत, Bihar Hindi News


रांची से पटना आ रही वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में तकनीकी खराबी आने से यात्रियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी। हालत यह हो गई कि मालगाड़ी के इंजन के सहारे किसी तरह वंदे भारत को बरकाकाना से गया तक पहुंचाया गया।

रांची से पटना आ रही प्रीमियम ट्रेन वंदे भारत (22350) में रविवार को बीच रास्ते में ही तकनीकी खराबी आ गई। इसे एक मालगाड़ी के इंजन के सहारे किसी तरह बरकाकाना से गया तक पहुंचाया गया। फिर यहां से मालगाड़ी के इंजन के सहारे ही करीब साढ़े तीन घंटे की देरी से रात 1:38 बजे पटना पहुंची। दरअसल, रांची-पटना वंदे भारत शाम करीब 4.15 बजे रांची से रवाना हुई और मेसरा स्टेशन पर इसमें खराबी आ गई। लोको पायलट ने ठीक करने का प्रयास किया। थोड़ी देर बाद ट्रेन खुली, लेकिन मेसरा में ही फिर खड़ी हो गई। एमआर प्रेशर खराब होने से ट्रेन गति नहीं पकड़ पा रही थी।

लेकिन, पायलट ने किसी तरह शाम 7.05 बजे ट्रेन को बरकाकाना तक पहुंचाया। यहां एक घंटे तक मरम्मत का प्रयास किया गया। इसके बाद पायलट ने हाथ खड़े कर दिये और सहायक इंजन की मांग की। फिर मालगाड़ी का इंजन जोड़कर ट्रेन को रवाना किया गया और यह ढाई घंटे विलंब से गया पहुंची। इसके बाद पटना के लिए चली।

रांची से सवा चार बजे खुली यह ट्रेन रात डेढ़ बजे के बाद पटना पहुंची। करीब साढ़े नौ बजे यात्री परेशान रहे। ट्रेन में कुछ यात्रियों ने रेल मंत्रालय को एक्स पर पोस्ट कर भी इसको लेकर शिकायत की। पटना जंक्शन पर ट्रेन से उतरने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। इधर, मामले में धनबाद डीआरएम, सीनियर डीसीएम के अलावा रांची डीआरएम को मैसेज और कॉल करने के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया गया।

रांची डीसीएम श्रेया सिंह ने पूछने पर कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। ट्रेन के विलंब से कोडरमा स्टेशन पर बड़ी संख्या में यात्रियों को इंतजार करना पड़ा। स्थिति को देखते हुए आरपीएफ इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने यात्रियों को शांत कराया। देर से परिचालन के कारण गया और पटना तक यात्रा करने वाले यात्रियों को भी काफी असुविधा का सामना करना पड़ा।

पटना वंदेभारत का चालक चलती ट्रेन में बेहोश

गोरखपुर-पटना वंदेभारत (26502) का मुख्य चालक रविवार को 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही ट्रेन में बेहोश हो गया। सहायक लोको पायलट की सूझबूझ से बड़ा हादसा होने से बच गया। ट्रेन में ही सफर कर रहे चिकित्सक के इलाज से हालत में कुछ सुधार हुआ तो मुख्य चालक ने हिम्मत दिखाई और ट्रेन को आगे बढ़ाया। अभी ट्रेन पिपराइच पहुंची ही थी कि तबीयत फिर बिगड़ गई। यहां चालक को उतारकर इलाज कराया गया और फिर नकरिटयागंज बेस पर भेज दिया गया। गोरखपुर से चालक आने के बाद ट्रेन पटना की ओर रवाना की गई।गोरखपुर-पटना (पाटलिपुत्र) वंदेभारत रोजाना की तरह रविवार को सुबह 5.46 बजे प्लेटफार्म से रवाना हुई। इस ट्रेन को मुख्य चालक हेमंत चला रहे थे।

ट्रेन जैसे ही कैंट स्टेशन से पार हुई, चालक हेमंत बेहोश हो गए। सहायक चालक ने आवाज दी तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। खतरा भांपते हुए सहायक लोको पायलट ने सूझबूझ दिखाई ओर ट्रेन उनौला स्टेशन पर रोक दी। इस दौरान ट्रेन में ही सफर कर रहे चिकित्सक को बुलाया गया। उपचार के बाद हालत में सुधार हुआ तो मुख्य चालक ने फिर ट्रेन बढ़ाई। पिपराइच आते ही चालक की तबीयत एक बार फिर बिगड़ गई। इसकी सूचना जब अधिकारियों को मिली तो गोरखपुर से चालक, लोको इंस्ट्रक्टर और मालगाड़ी के गार्ड को पिपराइच भेजा गया। यहां अस्वस्थ चालक को उतारा गया। गोरखपुर से पहुंचे चालक ने इंजन की कमान संभाली और ट्रेन पटना के लिए रवाना की।



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