जागरण संवाददाता, रामपुर। साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे पुलिस के साइ-वज्र अभियान में अब शहर कोतवाली पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इन पर आरोप है कि दोनों साइबर अपराध से मिलने वाली रकम का अपने बैंक खाते में लेनदेन करते थे। उनका बैंक खाता म्यूल एकाउंट की तरह इस्तेमाल किया जाता था।
पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। दो दिन में जिले में यह साइबर क्राइम से जुड़ी चौथी प्राथमिकी दर्ज की गई है। इससे पहले मिलक, टांडा और थाना मिलक खानम में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
शहर कोतवाली में दर्ज प्राथमिकी उप निरीक्षक सनी खेवाल की ओर से कराई गई है। प्राथमिकी में शहर कोतवाली के ही मुहल्ला सैय्यदो वाली मस्जिद मिस्टन गंज निवासी अमान मियां और गंज कोतवाली के डिग्री कालेज रोड निवासी आदिल को नामजद किया है। इनके बार में जानकारी एनसीआरपी (राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोटिंग पोर्टल) के जरिए पुलिस को मिली।
इस पोर्टल पर उत्तर प्रदेश समेत केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध प्रदेश, तमिलनाडू, गुजरात आदि राज्यों में हुए साइबर क्राइम से संबंधित शिकायतें दर्ज थीं। इनका विश्लेषण करने से पता चला कि साइबर अपराधी पार्ट टाइम जाब, लुभावनी स्कीम आदि तरीकों से लोगों से ठगी करते थे। ठगे गए पैसों को म्यूल एकाउंट के जरिए इधर से उधर घुमाते थे और बाद में इन्हें निकाल लेते थे।
पुलिस को पता चला कि ऐसा ही एक एकाउंट रामपुर में पंजाब एंड सिंध बैंक का है, जो एसके इंटरप्राइजेज फर्म के नाम से है। बैंक से जानकारी करने पर पता चला कि यह एकाउंट अमान मियां का है। उनके द्वारा साइबर फ्राड नेटवर्क से कमाए गए धोखाधड़ी के पैसों को अपने एकाउंट में लेने और ट्रांसफर करने का अपराध किया जा रहा था। अमान ने इस अपराध में अपने दोस्त आदिल को भी शामिल किया था।
शहर कोतवाली प्रभारी प्रदीप मलिक ने बताया कि जानकारी होने पर दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर शुक्रवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने अपने खाते में साइबर फ्राड से आए कितने धन का लेनदेन किया है, इसकी जानकारी की जा रही है।