‘राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मास्टरमाइंड था रामशंकर टिन्नू’; भतीजे मनीष के साथ मिलकर चोरी का खेल, जेल में पूछताछ – ram mandir donation theft case mastermind ramshankar yadav tinnu manish yadav questioned in jail


Ram Mandir Donation Theft Case: राम मंदिर दान चोरी मामले में आरोपियों से पुलिस की पूछताछ तेज हुई है। पुलिस ने जेल में रामशंकर टिन्नू और मनीष यादव से पूछताछ की है।

हाइलाइट्स

  • गणना कक्ष से बाथरूम में पैसे ले जाकर छुपाता था मनीष
  • मनीष यादव को राम मंदिर में टिन्नू ने दिलाई थी नौकरी
  • जेल में पुलिस अधिकारी ने टिन्नू, मनीष से की पूछताछ
Ramshankar Yadav Tinnu Questioning News
अयोध्या पुलिस ने रामशंकर यादव टिन्नू और मनीष से जेल में की है पूछताछ (फाइल फोटो)
अयोध्या: उत्तर प्रदेश के अयोध्या राम मंदिर में दान चोरी का मामला खासा गरमाया हुआ है। इस मामले में पुलिस की पूछताछ लगातार जारी है। वहीं, एसआईटी भी फाइनल रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है। इस मामले में मास्टरमाइंड रामशंकर यादव टिन्नू बताया जा रहा है। वह मंदिर परिसर के दान पात्रों की चाबियां अपने पास रखता था। इसको लेकर पुलिस ने जेल पहुंचकर उससे सवाल जवाब किए। पुलिस ने उसके भतीजे मनीष यादव से भी पूछताछ की। उनसे दान चोरी की गणना कक्ष से चोरी और वहां से निकाले जाने की प्रक्रिया को लेकर सवाल किए गए। इस मामले में बैंककर्मियों पर भी पुलिस का शिकंजा कस रहा है। राम मंदिर से जुड़े बैंक अधिकारियों से भी पूछताछ हो रही है।

जेल में हुई पूछताछ

चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही पुलिस ने जिला जेल पहुंचकर वहां बंद मामले में आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और मनीष यादव से पूछताछ की। थाना रामजन्मभूमि में दर्ज केस के जांच अधिकारी और अयोध्या सीओ आशुतोष तिवारी ने दोनों से जांच में सामने आए सबूत दिखाकर तथ्यों का वेरिफिकेशन किया। इस दौरान फुटेज, बरामदगी रकम एवं सामान, पहले दर्ज बयान समेत अब तक मिले साक्ष्यों के आधार पर कई अहम बिंदुओं पर सवाल जवाब किए। पुलिस जांच के अनुसार, चढ़ावा चोरी कांड का मास्टरमाइंड रामशंकर यादव टिन्नू ही है।

पुलिस का कहना है कि मनीष यादव रामशंकर यादव टिन्नू का भतीजा है। मनीष की गणनाकर्मी के रूप में नियुक्ति टिन्नू ने ही कराई थी। जांच अधिकारी ने दोनों से नियुक्ति प्रक्रिया, गणना में उनकी जिम्मेदारियों और चोरी की साजिश में भूमिका पर विस्तार से पूछताछ की। चोरी की योजना, धनराशि के बंटवारे, नकदी बाहर निकालने के तरीके, अन्य कर्मियों की संभावित भूमिका के संबंध में भी पूछताछ की गई।

हुंडियों की चाबियों पर सवाल

पुलिस ने रामशंकर यादव टिन्नू से मंदिर परिसर में विभिन्न स्थानों पर स्थापित हुंडियों की चाबियां अपने पास रखने को लेकर भी सवाल किया। जांच में सामने आया था कि ट्रस्ट के प्रतिनिधि के रूप में चाबियां उसके पास रहती थीं। हालांकि, इस संबंध में कोई औपचारिक प्राधिकार या लिखित आदेश जांच के दौरान नहीं मिला था। पुलिस ने चाबियों के संचालन, गणना प्रक्रिया और जवाबदेही से जुड़े पहलुओं पर भी टिन्नू से जानकारी हासिल की है।

2.25 लाख रुपये पर भी सवाल

जिला जेल में पूछताछ के दौरान जांच अधिकारी ने गणना कक्ष से सटे बाथरूम से बरामद किए गए 2.25 लाख रुपये के संबंध में भी दोनों आरोपियों से सवाल किए। जांच में पहले यह तथ्य सामने आ चुका है कि बाथरूम में धनराशि रखने में मनीष यादव की बड़ी भूमिका थी। पुलिस ने सवाल पूछा कि बाथरूम में रुपये छिपाने की योजना किसने बनाई थी? क्या रोजाना इस तरह की योजना पर आरोपी अमल करते थे?

पुलिस अब तक जुटाए गए दस्तावेज, डिजिटल और अन्य सबूतों का आरोपियों के बयानों से मिलान कर रही है। टिन्नू और मनीष से पूछताछ के दौरान 27 अप्रैल से पांच जून के बीच के सीसीटीवी फुटेज का भी वेरिफिकेशन कराया गया। जांच में इस अवधि के दौरान 70 बार नकदी निकालने की घटनाएं सामने आई थीं।

राहुल पराशर

लेखक के बारे मेंराहुल पराशरराहुल पराशर नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर (Senior Digital Content Producer) हैं। वे नवभारत टाइम्स की यूपी-उत्तराखंड टीम में काम करते हैं। प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका 22 साल लंबा का अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। राहुल पराशर ने अक्टूबर 2021 में नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन जॉइन किया था। उन्‍होंने पिछले 4 वर्षों में यूपी विधानसभा चुनाव, यूपी निकाय चुनाव, उत्तराखंड विधानसभा चुनाव, यूपी में एसआईआर प्रक्रिया जैसे बड़े घटनाक्रम का विस्तृत कवरेज किया है। राजनीति गतिविधियों से लेकर प्रशासनिक हलचल और क्राइम की घटनाओं पर उनका फोकस रहता है।

विशेषज्ञता- राजनीतिक खबरों का विश्लेषण, क्राइम की घटनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट, प्रशासनिक हलचल को लेकर इनसाइड स्टोरी, सरकार के फैसलों का आम लोगों पर असर का विश्लेषण।

पत्रकारिता अनुभव: अखबार और डिजिटल मीडिया में 22 साल से कार्यरत
राहुल पराशर ने साल 2004 में प्रभात खबर, पटना से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में जूनियर रिपोर्टर से लेकर प्रधान संवाददाता के पद पर काम किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा, राजद, जदयू और लोजपा जैसे दलों को कवर किया। उन्होंने शिक्षा विभाग की लंबे समय तक रिपोर्टिंग की। नवभारत टाइम्‍स वेबसाइट में काम करते हुए शानदार कवरेज के लिए कई बार संस्‍थान की ओर से सम्‍मानित किया गया है।

शिक्षा:
राहुल पराशर ने वर्ष 2004 में भारतीय विद्या भवन के पीके इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से जर्नलिज्म का कोर्स किया है। मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर से आने वाले राहुल पराशर ने नेतरहाट, झारखंड से स्कूली शिक्षा ग्रहण की। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर से वर्ष 2002 में स्नातक की डिग्री हासिल की है।और पढ़ें