अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपियों के पास पुलिस को चंदे की फर्जी रसीद मिली। पुलिस ने जांच-पड़ताल में जुट गई है कि यह रसीद किसने और कहां छपवाई है। पुलिस आरोपियों से भी पूछताछ कर रही है।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी की मामले की जांच कर रही पुलिस की टीम को चंदे की कथित फर्जी रसीद मिली है। जिसके सत्यापन में पुलिस जुटी है। यह रसीद किसने और कहां से छपवाई। पुलिस की इसकी जांच में जुटी है। वहीं पुलिस ने रिमांड पर लिए गए तीनों आरोपियों से इसको लेकर पूछताछ भी किया है।
राममंदिर चढ़ावा चोरी के तीन आरोपियों अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा व करुणेश पाण्डेय की 40 घंटे की कस्टडी रिमांड कोर्ट ने मंजूर की है। सुबह 7:10 बजे तीनों आरोपियों की कस्टडी रिमांड लेने पुलिस जिला कारागार पहुंची। इसके बाद पुलिस तीनों आरोपियों को लेकर पुलिस लाइन गयी। यहां उनका मेडिकल हुआ। जिसके बाद उनसे पूछताछ शुरु हुई।
आरोपियों की कस्टडी रिमांड को लेकर पुलिस लाइन को सुबह छह बजे से कड़े सुरक्षा घेरे में रखा गया था। जेल मार्ग के दोनो गेट बंद करके वहां बैरीकेटिंग की गई थी। यहां पुलिस की तैनाती भी थी। इसके साथ में सप्लाई आफिस के सामने वाले गेट पर पुलिस का कड़ा पहरा था। यहां दो सब इंस्पेक्टर की तैनाती की गई थी। इस गेट से आने-जाने वालों से कड़ी पूछताछ की जा रही थी। पुलिस विभाग से जुड़े लोगो को ही यहां प्रवेश दिया जा रहा था। पुलिस लाइन के गेट पर प्रवेश करने को लेकर फरियादियों व पुलिस में नोकझोंक भी होती दिखाई दी।
अनुकल्प दो करोड़ की जमीन को लेकर कर रहा था पूछताछ
अनुकल्प के बारें में सामने आया है कि वह किसी दो करोड़ की जमीन को खरीदने के लिए पूछताछ कर रहा था। जिसमें डील लगभग फाइनल हो गई थी। लेकिन इसी बीच चढ़ावा चोरी का मामला सामने आ गया और अनुकल्प वह जमीन नहीं खरीद पाया। कस्टडी रिमांड के दौरान पुलिस ने इसके बारें में उससे पूछताछ की। जमीन खरीदने को लेकर इसके लिए व्यवस्था किए गए रुपयों श्रोत्र के बारें में पुलिस ने उससे पूछा।
दिन भर चर्चा में रही पुलिस को मिली कथित फर्जी रसीद
आरोपियों के पास मिली राममंदिर चंदे की कथित फर्जी रसीद दिन भर चर्चा का विषय बनी रही। चर्चा के अनुसार फर्जी रसीद को एकदम ओरिजनल की तरफ छपाया गया है। इसके आधार पर आरोपियों द्वारा गणना के रकम चोरी के साथ में चंदे की चोरी करने का दावा किया जा रहा है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार पूछताछ के दौरान किसी आरोपी के पास से पुलिस को एक रसीद मिली थी। जिसके बाद पुलिस ने इसको लेकर पूछताछ की। आरोपियों के द्वारा फर्जी तरीके रसीद देने का यह कृत्य ऑनलाइन व्यवस्था शुरू होने के पहले तक किए जाने का अब दावा किया जा रहा है। फिरहाल पुलिस अभी इस पूरे प्रकरण के सत्यापन में जुटी है। जिसमें जांच के बाद ही इसको लेकर कुछ सामने आ सकता है। इस समय पुलिस इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
गणना के दौरान कैश छिपाने के तरीकों के बारें में किया पूछताछ
कस्टडी रिमांड के दौरान आरोपियों से कैश छिपाकर उसे बाहर निकालने के तरीकों के बारें में वृहद स्तर पर पूछताछ की गई। तीनों को बिठाकर उन्हें गणना कक्ष की सीसीटीवी फुटेज दिखाई गई। जिसमें वह कैश छिपाते दिख रहे है। इसके बाद उनसे इसकी पूरी प्लानिंग के बारें में पूछताछ की गई। आरोपियों को पता था कि सीसीटीवी कहां लगी है। इसके लिए वह शातिर तरीके से उससे बचकर कैश की हेराफेरी करते थे। उनके इतना शातिर होने के बाद भी वह सीसीटीवी की निगाह से बच नहीं सके। कैश लेकर बाहर निकलने की संलिप्तता के बारें में उनसे पूछताछ हुई।
आरोपियों की चल-अचल सम्पत्ति के बारें में लिया जानकारी
कस्टडी रिमांड के दौरान पुलिस ने पूछताछ में आरोपी अनुकल्प मिश्रा व लवकुश मिश्रा से उनकी चल-अचल सम्पत्ति के बारें में जानकारी हासिल की। इन रुपयों से इन दोनो ने क्या-क्या खरीदारी किया। पुलिस ने उसकी जानकारी ली तथा उसका सत्यापन भी किया। आरोपियों व उनके परिजनों के बैंक खातों की डिटेल टीम ने लिया तथा उसमें मौजूद धनराशि के बारें में पूछताछ किया।
चढ़ावा चोरी के रुपयों को कहां- कहां किया निवेश
पुलिस टीम की पूछताछ का सबसे प्रमुख बिन्दु यह रहा कि आरोपियों ने चढ़ावा चोरी से मिली रकम को कहां-कहां निवेश किया। व्यापारिक स्तर पर उनके किससे सम्बंध थे। इसको लेकर आरोपियों की कॉल डिटेल का सहारा भी पुलिस ने लिया। यह भी जानने का प्रयास पुलिस ने किया कि क्या किसी व्यापार में यह आरोपी पार्टनर तो नहीं थे। जिसमें इनके द्वारा अपनी धनराशि निवेश की गई हो। वहीं आरोपी अनुकल्प मिश्रा के राजनैतिक सम्बंध भी निकलकर सामने आ रहे है। जिनके उपर भी पुलिस की नजर है।