घोड़छत्र नदी पर पुल निर्माण अधूरा (ETV Bharat)
उमरिया: उमरिया जिले के नौरोजाबाद तहसील के अंतर्गत ग्राम देवरी मजरा और महुरी गांव को जोड़ने वाला घोड़छत्र नदी पर पुल निर्माण अधर में लटका हुआ है जिसको लेकर ग्रामीण सहित विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राएं परेशान हैं. वहीं, अपर कलेक्टर ने जल्द पुल निर्माण कार्य पूरा करने का आश्वासन दिया है.
उमरिया जिले के नौरोजाबाद तहसील के अंतर्गत ग्राम देवरी मजरा और महुरी के ग्रामीणों के द्वारा दोनों गांवों के बीच में स्थित घोड़छत्र नदी पर पुल निर्माण को लेकर वर्षों से मांग की जा रही थी, ग्रामीणों की मांग के आधार पर घोड़छत्र नदी पर पुल निर्माण का कार्य मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा स्वीकृत कर दिया गया. ग्रामीणों की माने तो लगभग 3 वर्ष पूर्व करोड़ों की लागत से बनने वाले पुल के निर्माण का ठेका सेतुबंध विभाग के द्वारा संबंधित ठेकेदार को दिया गया.
उमरिया में रोज खतरों से खेल रहे स्कूली बच्चे (ETV Bharat)
ग्रामीणों ने पुल निर्माण करने वाले ठेकेदार पर लगाया आरोप
ग्रामीणों ने ठेकेदार के ऊपर आरोप लगाते हुए कहा की “न तो निर्माण स्थल पर कोई बोर्ड लगा है जिससे पता चल सके की किस विभाग के द्वारा पुल निर्माण का कार्य कराया जा रहा है. साथ ही आवागमन करने वाले लोगों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से रेडियम इंडिकेशन भी नहीं लगाया गया है. साथ ही ठेकेदार के द्वारा पुल निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी भी की जा रही है. जानकारी के अनुसार देवरी और महुरी के बीच स्थित घोड़क्षत्र नदी पर लगभग तीन वर्षों से पुल निर्माण का कार्य कछुआ की चाल में चल रहा है.”
बारिश में ग्रामीणों को होती है बहुत परेशानी
ग्रामीणों ने बताया कि इस पुल का निर्माण कब पूरा होगा ये स्वयं ठेकेदार को भी नहीं पता है. बरसात के मौसम में ग्राम महुरी वासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. भारी बारिश में जब रपटा के ऊपर से पानी चलता है तो राहगीरों के लिए काफी खतरनाक साबित होता है. इसीलिए ग्राम महुरी के निवासियों को अगर नौरोजाबाद जाना होता है तो लगभग 20 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है. जबकि महुरी से देवरी होते नौरोजाबाद की दूरी महज 10 किलोमीटर ही है. ग्रामिणों ने आगे बताया की महुरी से देवरी की दूरी महज 2 किलोमीटर है लेकिन भारी बारिश के दौरान जब पानी रपटा के ऊपर से चलता है तो ग्राम देवरी तक पहुंचने के लिए ग्राम महुरी के लोगों को लगभग 15 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है.

उमरिया में अधर में लटका है घोड़छत्र नदी का पुल (ETV Bharat News)
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बारिश में स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा होती परेशानी
बारिश के दिनों में सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली छात्र-छात्राओं, मजदूरों और किसानों को होती है. बारिश के दिनों में यह स्थिति और गंभीर हो जाती है जब जान जोखिम में डाल कर स्कूली छात्र-छात्राएं, मजदूर वर्ग और किसान रपटा के ऊपर बहते हुए पानी को पार करते हैं.
वहीं, इस संबंध में अपर कलेक्टर पी. के. सेन गुप्ता ने कहा कि “आप के माध्यम से मुझे जानकारी मिली है मैं पता कर के संबंधित विभाग से बात कर जल्द पुल निर्माण कार्य पूरा करने के लिए निर्देशित करूंगा.