रोहित शर्मा क्यों हो रहे हैं इंग्लैंड में फ्लॉप, कोच ने उठाया पर्दा; बताई 2 खूबी, Cricket Hindi News


भारतीय बॉलिंग कोच ने इंग्लैंड में फेल होने के रोहित शर्मा के कारण बताए हैं। उनका कहना है कि यहां गेंद शुरुआत में ज्यादा स्विंग कर रही है, जिस वजह से हिटमैन को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने शनिवार को पूर्व कप्तान रोहित शर्मा की मौजूदा खराब फॉर्म को ज्यादा तवज्जो नहीं देते हुए कहा कि अनुभवी बल्लेबाज टीम में स्थिरता और संयम लेकर आते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि रोहित इंग्लैंड की परिस्थितियों में जल्द ही अपनी लय हासिल कर लेंगे। इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे और निर्णायक वनडे से पहले रोहित के पहले दो मैचों में 11 और 26 रन के स्कोर ने उनके भविष्य को लेकर चर्चाओं को तेज कर दिया है। मोर्कल ने तीसरे वनडे से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ”नई गेंद के साथ बल्लेबाजी करना आसान नहीं होता। पूरी सीरीज में हमने देखा है कि गेंद काफी स्विंग हो रही है। ऐसे में पारी की शुरुआत करना चुनौतीपूर्ण है। लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि रोहित इसका समाधान निकाल लेंगे।”

उन्होंने कहा, ”वह पहले भी ऐसा कर चुके हैं। वह अनुभवी खिलाड़ी हैं और बल्लेबाजी क्रम में एक खास तरह का धैर्य और संतुलन लेकर आते हैं। इसलिए उनके तरीके को लेकर किसी तरह की चिंता नहीं है।”

तीसरे वनडे से पहले भारतीय टीम की बल्लेबाजी में कुछ और चिंताएं भी हैं। दूसरे मैच में विराट कोहली और श्रेयस अय्यर ने भारतीय पारी को अच्छी स्थिरता दी थी, लेकिन मध्यक्रम उसका फायदा नहीं उठा सका और भारत 233 रन के मामूली स्कोर पर सिमट गया। इंग्लैंड ने यह मुकाबला चार विकेट से जीत लिया था।

विराट कोहली

मोर्कल ने कहा कि भारतीय बल्लेबाजों को लॉर्ड्स की पिच की रफ्तार और उछाल को समझने के बाद ही आक्रामक शॉट खेलना चाहिए।

उन्होंने कहा, ”लॉर्ड्स की पिच कई बार मुश्किल साबित हो सकती है। बल्लेबाजों को शुरुआत में पांच-दस गेंद अतिरिक्त देकर परिस्थितियों को समझना जरूरी होगा।”

उन्होंने कहा, ”हमारे शीर्ष क्रम और मध्यक्रम के प्रमुख बल्लेबाजों के पास काफी अनुभव है। वे परिस्थितियों को समझते हैं और जानते हैं कि साझेदारियां कैसे बनानी हैं। यही सबसे महत्वपूर्ण होगा।”

साउथ अफ्रीका के इस पूर्व तेज गेंदबाज ने उम्मीद जताई कि भारतीय तेज गेंदबाज बीच के ओवरों में विकेट निकालने का तरीका ढूंढ लेंगे।

उन्होंने कहा, ”हमने मिडिल ओवर्स में अतिरिक्त उछाल का फायदा उठाने के लिए प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ जैसे गेंदबाजों का इस्तेमाल किया। लेकिन इन ओवरों में विकेट निकालना काफी जरूरी है। मुझे लगता है उस दिन (दूसरे वनडे में नाबाद 99 रन) जो रूट ने शानदार बल्लेबाजी की।”

इंग्लैंड दौरे के बाद मोर्कल के पद छोड़ने की चर्चाओं के बीच उन्होंने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए भारतीय गेंदबाजों की मदद करने की इच्छा जताई है।

मोर्कल ने कहा, ”साउथ अफ्रीका में रहकर और वहां 20 साल क्रिकेट खेलकर मैंने जो अनुभव हासिल किया है, वह निश्चित रूप से काम आएगा। वर्ल्ड कप की योजना को लेकर बातचीत चल रही है और समय आने पर हम इसे आगे बढ़ा सकते हैं।”

उन्होंने कहा, ”मैंने अपना क्रिकेट साउथ अफ्रीका में सीखा है। मुझे वहां की पिचों की जानकारी है और यह भी समझता हूं कि साल के अलग-अलग समय में विकेट किस तरह बदल सकते हैं। निश्चित रूप से मैं अपना अनुभव टीम के साथ साझा करूंगा।”



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