पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार. (Photo Credit; Lucknow Police)
लखनऊ : सरकारी नौकरी की तलाश में अगर जुगाड़ तलाश रहे हैं तो सावधान हो जाइये. राजधानी लखनऊ में पुलिस ने ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जो एक फर्जी NGO चलाकर युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का सपना दिखाता था. अच्छे वेतन का लालच दिया जाता था, बाकायदा ट्रेनिंग कराई जाती, जिसके बाद फर्जी नियुक्ति पत्र और आईडी कार्ड थमा दिए जाते और फिर लाखों रुपये ऐंठ लिए जाते. पुलिस का कहना है कि इस मामले में कई लोगों की भूमिका सामने आई है.
विकासनगर थाना पुलिस ने पारस नाथ खरवार उर्फ पारस नाथ प्रसाद को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि वह “जीवन पथ फाउंडेशन” नाम से संस्था चलाकर स्वास्थ्य विभाग के क्षय रोग जागरूकता अभियान (TB Awareness Program) में नौकरी दिलाने का झांसा देता था. बेरोजगार युवाओं से नियुक्ति और प्रशिक्षण के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती थी. इसके बाद उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र, आईडी कार्ड और प्रशिक्षण देकर विश्वास दिलाया जाता था कि उनकी नौकरी लग गई है.
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अकेले काम नहीं कर रहा था. पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि संस्था के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे और सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किए जाते थे. अब पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने कितने युवाओं को अपना शिकार बनाया और कितनी रकम की ठगी की.
गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से तीन मोबाइल फोन, एक प्रेस आईडी कार्ड, आधार कार्ड, यूनियन बैंक का डेबिट कार्ड, 11 विजिटिंग कार्ड, नकदी और अन्य सामान बरामद हुआ है. इन सभी को जांच के लिए कब्जे में ले लिया गया है.
थाना विकासनगर के प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार मिश्रा ने बताया कि आरोपी को न्यायालय से जारी वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया गया है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह फर्जी संस्था के माध्यम से सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से पैसे वसूलता था. मामले में अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. यदि और लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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