जागरण संवाददाता, लखनऊ। सरकारी नौकरी का झांसा देकर जालसाजों ने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा से दस लाख रुपये ठग लिए।जालसाजों ने शासन-प्रशासन में ऊंची पहुंच का रौंब दिखाया और रुपये लिए।
चयनित अभ्यर्थियों की सूची में नाम नहीं होने पर पीड़िता ने संपर्क कर रुपये वापस मांगे तो धमकाया। विभूतिखंड पुलिस ने परिचित समेत चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
अयोध्या के आवास विकास कालोनी निवासी उदय भान शर्मा की बेटी काेमल गाजीपुर के शक्तिनगर ढाल के पास किराए पर रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है। काेमल ने बताया कि 11 मार्च को रिश्तेदार संजय शर्मा के माध्यम से राजकुमार शर्मा से मुलाकात हुई। बातचीत के दौरान राजकुमार ने सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया।
अंजू देवी के खाते में नौ लाख किए ट्रांसफर
उसके बाद पीड़िता की मुलाकात लव कुमार तिवारी से करायी। दोनों ने अपनी ऊंची पहुंच का रौब दिखाया। विश्वास दिलाया कि पूर्व में कई लोगों की नौकरी लगवा चुके हैं। जालसाजों ने नौकरी के एवज में दस लाख की मांग की। परिवारजन से बात की तो भरोसे और नौकरी के लिए उन्होंने हामी भर दी। दो मई को कोमल को विभूतिखंड स्थित किसान बाजार के पास बुलाया और दस लाख देने की बात कही।
पीड़ित ने भाई के खाते से दिए गए अंजू देवी के खाते में नौ लाख ट्रांसफर किए। शेष एक लाख रुपये परिणाम आने के बाद देने की बात कही। सूची में नाम नहीं आने पर कोमल ने संपर्क किया तो जालसाजों ने बोला कि एक लाख देने के बाद दूसरी सूची में उसका नाम आ जाएगा। इसपर आठ मई को पीड़िता ने शेष एक लाख भी भेज दिए।
दूसरी सूची आने पर भी पीड़िता का नाम नहीं होने पर संपर्क किया तो जालसाजों ने टालमटोल की। रुपये वापस मांगने पर आरोपितों ने धमकाया। दस लाख की ठगी का एहसास होने पर पीड़िता ने गुरुवार को एसीपी विभूतिखंड से मुलाकात कर शिकायत की। इंस्पेक्टर विभूतिखंड उपेंद्र सिंह ने बताया कि राजकुमार शर्मा, लव कुमार तिवारी, अंजू देवी व संजय शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।