लद्दाख के मुद्दों पर दिल्ली में बैठक आज:पूर्ण राज्य का दर्जा-छठी अनुसूची पर अड़े संगठन, तय होगा आगे का एजेंडा – Meeting In Delhi Today On Ladakh Issues Organizations Stand Firm On Full Statehood And Sixth Schedule Status F


लद्दाख के मुद्दों पर लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) की गृह मंत्रालय के साथ बैठक शुक्रवार को दिल्ली में होगी। बैठक से पहले संगठनों ने स्पष्ट किया है कि वे पूर्ण राज्य के दर्जे और छठी अनुसूची पर ही बात करेंगे। मंत्रालय के अधिकारियों संग होने वाली सब कमेटी की बैठक के लिए दोनों संगठनों के प्रतिनिधि दिल्ली पहुंच गए हैं।

बैठक से पहले लेह एपेक्स बॉडी ने लद्दाख के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर चर्चा के लिए अपने प्रतिनिधियों के नाम भेजे हैं। प्रतिनिधिमंडल में लद्दाख बौद्ध संघ के अध्यक्ष एवं लेह एपेक्स बॉडी के सह-अध्यक्ष छेरिंग दोरजे लकरुक, लद्दाख गोम्पा संघ के अध्यक्ष वेनेरेबल दोरजे स्टानजिन तथा पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक शामिल हैं। कारगिली ने साफ किया कि वे अपने एजेंडे से पीछे नहीं हट रहे हैं। उस पर कायम हैं।

लद्दाख सब ऑर्डिनेट एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (एलएसएएस) बनाने के प्रस्ताव पर कारगिली ने सवाल उठाया कि लद्दाख के लिए केवल सब ऑर्डिनेट प्रशासनिक ढांचा ही क्यों प्रस्तावित किया जा रहा है। एक अधीनस्थ सेवा के पास स्वतंत्र निर्णय लेने की शक्ति नहीं होती। उन्होंने यह भी कहा कि जहां जम्मू-कश्मीर सरकार जम्मू एंड कश्मीर शब्द का उपयोग करती है, वहीं लद्दाख में अभी भी केंद्र शासित लद्दाख का प्रशासन लिखा जाता है, जो दिल्ली से सीधे प्रशासनिक नियंत्रण को दर्शाता है। उन्होंने इसे नामंजूर करते हुए पूर्ण राज्य की मांग दोहराई।

विक्रम हेगड़े को शामिल करने पर कोई जवाब नहीं

अपने पत्र में लेह एपेक्स बॉडी ने सुप्रीम कोर्ट के वकील विक्रम हेगड़े को बैठक में कानूनी सलाहकार के रूप में शामिल करने की अनुमति भी मांगी है। हालांकि इस संबंध में मुख्य सचिव की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। केडीए की ओर से बैठक में सह-अध्यक्ष सज्जाद कारगिली और असगर अली करबलाई के साथ केडीए सदस्य गुलाम रसूल नकवी हिस्सा लेंगे।

प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पहुंचा, बैठक शाम चार बजे से

लद्दाख मामलों पर सब कमेटी की बैठक शुक्रवार शाम 4 बजे से शुरू होगी। इसके लिए लद्दाख से प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली पहुंच चुका है। दोनों संगठनों ने बातचीत के सकारात्मक रहने की उम्मीद जताई। सज्जाद कारगिली ने कहा कि अतीत में कई दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन अब केवल चर्चा नहीं बल्कि ठोस नतीजे सामने आना जरूरी है।


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