क्यों खास हैं लाल पत्थर… बीकानेर में जो भी ऐतिहासिक निर्माण लाल बलुआ पत्थरों से हुए हैं वो खास वजह से इस्तेमाल हुए थे. ये दिन के समय 48 डिग्री सेल्सियस की गर्मी को अवशोषित करते हैं और रात में उसे रिलीज करते हैं. नतीजा, कमरे प्राकृतिक रूप से आरामदायक रहते हैं. यहां के पुराने शहर की घुमावदार, संकरी गलियां रेगिस्तानी हवाओं को संकुचित करने के लिए बनाई गई थीं. इससे हवा की गति बढ़ती थी और प्राकृतिक एयर कंडीशनिंग जैसा प्रभाव पैदा होता था. फोटो: pixabay/pexels