वजन घटाने के लिए रोज 10K कदम चलना सबसे खतरनाक, एक्सपर्ट ने बताए चौंकाने वाले दुष्परिणाम | side effects of walking 10k steps daily weight loss tips expert jeeth sanghavi


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Disadvantages Of 10k Steps Daily: फिटनेस की दुनिया में इन दिनों ‘10,000 कदम’ का जादू हर किसी के सिर चढ़कर बोल रहा है। स्मार्टवॉच से लेकर मोबाइल ऐप्स तक, हर कोई इसी जादुई आंकड़े को छूने की होड़ में है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस ट्रेंड को आप अपनी सेहत का रक्षक मान रहे हैं, वही आने वाले समय में आपकी हड्डियों और मांसपेशियों का दुश्मन बन सकता है? हाल ही में प्रसिद्ध फिटनेस विशेषज्ञ और ‘बॉक्स एरा’ की संस्थापक जीत सांघवी (Jeeth Sanghavi) ने इस थ्योरी पर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि बिना सोचे-समझे 10K स्टेप्स के पीछे भागना आपको फिट नहीं, बल्कि बीमार बना सकता है। आइए जानते हैं कि जीत सांघवी ने क्यों इस ट्रेंड को हेल्थ के लिए खतरनाक बताया और कहां से आया ये ट्रेंड…

फोटो क्रेडिट: Canva

कहां से आया 10 हजार कदम चलने का चलन?

अक्सर लोग इसे वैज्ञानिक पैमाना मानते हैं, लेकिन सच यह है कि 10,000 कदम चलने का चलन जापान में एक मार्केटिंग आइडिया के रूप में शुरू हुआ था। इसे ‘मानपो-केई’ (Manpo-kei) नाम के एक स्टेप-काउंटर को बेचने के लिए प्रचारित किया गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंकड़ा हर किसी के शरीर और क्षमता के लिए सही नहीं हो सकता।

जीत सांघवी का खुलासा: क्यों खतरनाक हो सकता है यह ट्रेंड?

फिटनेस एक्सपर्ट जीत सांघवी के पास हाल ही में एक ऐसा केस आया जिसने इस ट्रेंड के काले पक्ष को उजागर कर दिया। एक महिला, जो सालों से रोज 10,000 कदम चल रही थी और खुद को फिट मानती थी, अचानक गंभीर चक्कर आने और कमजोरी का शिकार हो गई। एक्सपर्ट के अनुसार, इसके पीछे के मुख्य कारण ये हैं:

मांसपेशियों में कमी (Muscle Loss): केवल पैदल चलने से शरीर में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की कमी हो जाती है, जिससे मसल्स कमजोर होने लगती हैं।

चोट का खतरा: पैरों के जोड़ों और घुटनों पर लगातार दबाव पड़ने से ऑस्टियोपोरोसिस और अन्य हड्डी संबंधी रोग हो सकते हैं।

पोषक तत्वों की कमी: अगर डाइट और नींद सही न हो, तो इतना चलना शरीर को अंदर से खोखला कर सकता है।

वजन घटाने का सबसे खराब तरीका?

अगर आपका लक्ष्य केवल वजन कम करना या एथलेटिक बॉडी पाना है, तो हर दिन 10,000 कदम चलना सबसे धीमा और कम प्रभावी तरीका हो सकता है। जीत सांघवी के अनुसार, अंधाधुंध चलने से टाइप 2 मधुमेह, मोटापा और हृदय रोग जैसी जीवनशैली संबंधी बीमारियां भी पनप सकती हैं, क्योंकि इसमें शरीर का ‘मेटाबॉलिक बैलेंस’ बिगड़ जाता है।

असली फिटनेस के लिए फॉलो करें ये ‘4 पिलर्स’

चलना पैरों के स्वास्थ्य, पाचन और मूड को बेहतर करने के लिए बेहतरीन है, लेकिन मुकम्मल फिटनेस के लिए आपको इन चीजों पर ध्यान देना चाहिए:

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग: मांसपेशियों की मजबूती के लिए वजन उठाना या बॉडीवेट एक्सरसाइज जरूरी है।

सही कार्डियो: दिल की सेहत के लिए संतुलित कार्डियो सत्र।

उचित पोषण: बिना सही प्रोटीन और कार्ब्स के शरीर रिकवर नहीं कर पाता।

गहरी नींद: फिटनेस का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा रिकवरी है, जो केवल नींद से आती है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Saturday, May 9, 2026, 10:09 [IST]




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