विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में हादसा:पिघले हुए लोहे की चपेट में आने से आठ श्रमिकों की मौत; पीएम ने जताया दुख – Several Workers Lost Their Lives, And Several Others Sustained Injuried Visakhapatnam Andhra Pradesh


आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में हुए एक बड़े हादसे में आठ श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। यह दुर्घटना एसएमएस-2 और एसटीसी-3 हीट फैसिलिटी में बड़ी मात्रा में पिघले हुए स्टील के रिसाव के कारण हुई। हादसा उस समय हुआ जब क्रेन के जरिये ले जाए जा रहे पिघले लोहे से भरी बाल्टी से गर्म धातु नीचे गिर गई। अधिकारियों के अनुसार, अब तक पांच शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि राहत एवं बचाव कार्य जारी है। पीएम मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए पीड़ितों की मदद का एलान किया है। 

विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में बड़ा हादसा, पीएम मोदी ने जताया दुख

विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में पिघला हुआ लोहा गिरने से कम से कम आठ मजदूरों की मौत हो गई। इस हादसे में छह अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायल मजदूरों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता पहुंचा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। पीएम मोदी ने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक मदद देने का एलान किया है।

 

1,600 डिग्री सेल्सियस था पिघले लोहे का तापमान

विशाखापत्तनम जिला स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव को बताया कि सोमवार शाम 6.30 बजे तक आठ मृतकों में से छह के शव इस्पात संयंत्र के सामान्य अस्पताल पहुंच चुके हैं। पुलिस ने बताया कि हादसे के समय पिघले लोहे का तापमान करीब 1,600 डिग्री सेल्सियस था। अत्यधिक गर्म धातु मजदूरों पर गिरने से वे इसकी चपेट में आ गए।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने घटना पर गहरा दुख जताया और सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ राहत कार्य तथा प्रभावितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी विभाग समन्वय से काम करें और सहायता प्रदान करें। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। 

कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस घटना में साइट पर मौजूद कई कर्मचारी बुरी तरह झुलस गए हैं। रिसाव के बाद आग लगने से कुछ कर्मचारियों के यूनिट के अंदर फंसे होने की आशंका है। फायर और इमरजेंसी सर्विस की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और आग बुझाने व बचाव कार्य में जुटी हैं। घायल और फंसे हुए कर्मचारियों की सही संख्या की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री वंगलापुडी अनिता ने हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए विशाखापत्तनम के जिला कलेक्टर और पुलिस आयुक्त से फोन पर बात कर घटना की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गृह मंत्री ने बचाव एवं राहत कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए हैं। गृह मंत्री के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) के अनुसार, घटना की जानकारी मिलते ही वंगलापुडी अनिता दुर्घटनास्थल के लिए रवाना हो गईं। साथ ही वह लगातार अधिकारियों के संपर्क में रहकर आवश्यक निर्देश दे रही हैं।

पहले भी हुए हैं हादसे

विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में हुआ यह पहला हादसा नहीं है। इससे पहले 2020 में मई से अगस्त महीने के बीच हुए हादसों में भी कई जानें गई थीं। इस दौरान    SMS-2 में 100 टन गर्म धातु ले जा रहे लैडल का हुक 30-40 फीट की ऊंचाई से गिर गया था। इसके अलावा टरबाइन ऑयल लीक से आग लगने की घटना भी हुई थी। उस वर्ष पूरे औद्योगिक क्षेत्र में करीब 29 मौतें दर्ज की गई थीं।




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