नई दिल्ली. भारतीय टी20 क्रिकेट टीम के हालिया प्रदर्शन ने प्रशंसकों और क्रिकेट पंडितों को हैरान कर दिया है. आयरलैंड के और इंग्लैंड के खिलाफ करारी शिकस्त के बाद टीम इंडिया और मुख्य कोच गौतम गंभीर की रणनीतियों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. इस बीच एबी डिविलियर्स ने भारतीय टीम को एक कड़ा लेकिन व्यावहारिक मंत्र दिया है. डिविलियर्स ने बिना किसी खिलाड़ी का नाम लिए साफ शब्दों में कहा है कि आईपीएल में रनों का पहाड़ बनाने वाले खिलाड़ियों को अब ‘जमीन पर वापस लाने’ की जरूरत है. उन्हें यह समझना होगा कि इंटरनेशनल क्रिकेट हर समय ‘पांचवें गियर’ में खेलने का खेल नहीं है.
एबी डिविलियर्स ने वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन को लेकर भी कुछ बातें कहीं.
एबी डिविलियर्स (AB De Villiers) ने अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत करते हुए भारतीय टीम के हालिया फ्लॉप शो पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के स्तर में जमीन-आसमान का अंतर होता है. डिविलियर्स ने कहा, ‘चिंता की बहुत सारी बातें हैं. गौतम गंभीर पर कई उंगलियां उठेंगी और उन्हें इस बात की जिम्मेदारी लेनी होगी कि यह टीम आगे कैसे बढ़ेगी. उनके पास ऐसा करने की पूरी क्षमता है. लेकिन शायद यह हार एक बुरा अनुभव नहीं है, बल्कि एक अच्छा ‘वेक-अप कॉल’ है. आईपीएल में इतने सारे रन बनाने वाले खिलाड़ियों को थोड़ा जमीन पर वापस लाने की जरूरत है.’
एबी डिविलियर्स ने वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन को लेकर भी कुछ बातें कहीं.
उन्होंने आगे समझाते हुए कहा कि इंटरनेशनल क्रिकेट में छिपने की कोई जगह नहीं होती. आईपीएल में हमेशा एक या दो ऐसे कमजोर गेंदबाज मिल जाते हैं जिन पर बल्लेबाज आसानी से रन बना सकते हैं, लेकिन इंटरनेशनल लेवल पर विरोधी टीम का हर गेंदबाज विश्व स्तरीय होता है. डिविलियर्स ने कहा, ‘आपको एक या दो गियर से अधिक में खेलना आना चाहिए. आप हमेशा पांचवें गियर में बल्लेबाजी नहीं कर सकते. यहां आपको परिस्थितियों के अनुकूल ढलना होगा.’
गौतम गंभीर पर उठे सवाल और चयन की पहेली
इस सीरीज में टीम इंडिया की करारी हार के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर की कोचिंग साख पर भी बड़े सवाल उठे हैं. गंभीर के कई फैसलों की क्रिकेट गलियारों में तीखी आलोचना हुई. मुख्य रूप से इन दो बिंदुओं पर चर्चा गर्म रही. टीम में खिलाड़ियों को लगातार मौके देने के बजाय ‘म्यूजिकल चेयर्स’ जैसा खेल देखने को मिला. युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी और अनुभवी संजू सैमसन के बीच टीम में लगातार फेरबदल के फैसलों ने टीम के संतुलन को बिगाड़ दिया. वाशिंगटन सुंदर और तिलक वर्मा जैसे खिलाड़ियों पर जरूरत से ज्यादा भरोसा जताने और लगातार फ्लॉप होने के बावजूद उन्हें टीम में बनाए रखने पर भी गंभीर की आलोचना हुई. हालांकि, डिविलियर्स का मानना है कि केवल कोच को जिम्मेदार ठहराना ठीक नहीं है, बल्कि मैदान पर उतरने वाले खिलाड़ियों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी.
वैभव सूर्यवंशी का फीका इंटरनेशनल आगाज
इस दौरे पर सबकी नजरें युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी पर टिकी थीं. वैभव इस दौरे पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले इकलौते भारतीय खिलाड़ी थे. आईपीएल में 776 रनों के साथ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले और सबसे कम उम्र में ‘मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर’ (MVP) का खिताब जीतने वाले वैभव से फैंस को काफी उम्मीदें थीं. लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनका स्वागत उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा. इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों में उन्हें खेलने का मौका मिला, लेकिन वह एक बार भी 15 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सके. हालांकि उन्होंने टीम के अन्य बल्लेबाजों की तुलना में अधिक आक्रामक क्रिकेट खेला, लेकिन खराब प्रदर्शन के कारण उन्हें चौथे मैच से ड्रॉप कर दिया गया. इसने गंभीर की चयन नीति पर और सवाल खड़े कर दिए कि आईपीएल के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को इतनी जल्दी बाहर क्यों कर दिया गया.
‘रातों-रात नहीं मिलते रोहित, विराट और बुमराह’
करारी हार से निराश भारतीय प्रशंसकों को सांत्वना देते हुए डिविलियर्स ने थोड़ा धैर्य रखने की अपील की है. उन्होंने याद दिलाया कि टीम इस समय एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है. साल 2024 में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों की कमी को तुरंत पूरा करना नामुमकिन है. इसके अलावा, जसप्रीत बुमराह जैसे विश्व स्तरीय गेंदबाज के कार्यभार को द्विपक्षीय सीरीज में प्रबंधित किया जाता है, जिससे गेंदबाजी आक्रमण अनुभवहीन नजर आता है.
डिविलियर्स ने कहा, ‘भारत को 4-0 से हारते देखना काफी मुश्किल था, मुझे इसकी उम्मीद नहीं थी. लेकिन अनुभव की कमी को देखते हुए यह पूरी तरह से अप्रत्याशित भी नहीं था. ऐसे समय में नेतृत्व और भी महत्वपूर्ण हो जाता है. आपको इस टीम के गठन को लेकर थोड़ा धैर्य रखना होगा. आप रातों-रात नया बुमराह, विराट या रोहित नहीं पा सकते. इसमें समय लगता है. हालांकि, भारतीय टीम और बेहतर खेल सकती थी, और मुझे लगा कि कई मौकों पर उनके पास कोई स्पष्ट गेम प्लान नहीं था.’