व्हाट्सएप पर ‘बॉस स्कैम’ का खतरा! QR कोड और फेक केवाईसी से बचने के लिए अपनाएं ये सुरक्षा टिप्स
आज, सोमवार 5 अक्टूबर 2026 को दिल्ली-एनसीआर में हुई छापों ने व्हाट्सएप पर तेजी से फैल रहे ‘बॉस स्कैम’ (Boss scam) का पर्दाफाश किया है। इस ठगी में जालसाज कंपनी के बड़े अधिकारी (बॉस) बनकर कर्मचारियों पर तुरंत पैसे भेजने या जरूरी काम निपटाने का दबाव बनाते हैं। वहीं, पुलिस फर्जी दस्तावेजों के जरिए फर्जी बिजनेस लोन लेने वाले गिरोहों की भी जांच कर रही है। साइबर ठगों का तरीका एक जैसा ही है—पहले मीठी-मीठी बातों में फंसाना और फिर वायरस वाली फाइल या पेमेंट लिंक के जरिए चूना लगाना। नुकसान से बचने के लिए सतर्कता और सही जानकारी ही सबसे बड़ा बचाव है।
ठगों की चालबाजी अब पहले से कहीं ज्यादा शातिराना हो चुकी है। वे ‘स्टेटमेंट ऑफ अकाउंट’ के नाम से एक फाइल भेजते हैं, जिसमें मैलवेयर (वायरस) छिपा होता है, या फिर कोई ऐप पैकेज लिंक देकर फोन में ऐप इंस्टॉल करा लेते हैं। इसके अलावा ‘रिफंड’ के नाम पर क्यूआर कोड भेजा जाता है, जिसे स्कैन करते ही ‘कलेक्ट रिक्वेस्ट’ के जरिए आपके खाते से पैसे गायब हो जाते हैं। वहीं, फर्जी केवाईसी (KYC) मैसेज भेजकर भी लोगों को जाल में फंसाया जा रहा है। ये जालसाज हमेशा ऐसी हड़बड़ी और डर पैदा करते हैं कि आपको सोचने या जांचने का मौका ही न मिले।

व्हाट्सएप ‘बॉस स्कैम’, QR कोड रिफंड और फेक KYC से ऐसे बचें
अगर आप साइबर ठगों के निशाने पर आ जाएं, तो बिना वक्त गंवाए तुरंत कार्रवाई करें। सबसे पहले हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके ट्रांजेक्शन को फ्रीज करने की रिक्वेस्ट डालें। इस शिकायत का रेफरेंस नंबर और अपने बैंक का शिकायत टिकट नंबर संभालकर रखें। इसके बाद नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जाकर शिकायत दर्ज कराएं, जिसमें चैट के स्क्रीनशॉट, एक्सपोर्टेड चैट, RRN नंबर और APK लिंक जरूर अटैच करें। व्हाट्सएप पर अपनी सुरक्षा बढ़ाने के लिए सेटिंग्स > प्राइवेसी में जाकर एप लॉक (या आईफोन में स्क्रीन लॉक) ऑन कर लें।
संचार साथी और DND से सुरक्षित रखें अपना UPI और SIM कार्ड
अपने यूपीआई (UPI) पेमेंट्स के सुरक्षा फीचर्स को तुरंत अपडेट करें। अनजान लोगों के लिए डेली ट्रांजेक्शन और एक बार में ट्रांसफर होने वाली राशि की लिमिट घटा दें। जिन ऑटोपे (Autopay) ऑप्शंस को आप नहीं पहचानते, उन्हें तुरंत बंद कर दें। याद रखें—पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी QR कोड स्कैन करने की जरूरत नहीं होती, रिफंड सीधा आपके UPI ID में आता है। किसी भी पेमेंट रिक्वेस्ट की दूसरे माध्यम से पुष्टि जरूर करें और अनजान व्यक्ति की ‘कलेक्ट रिक्वेस्ट’ को खारिज कर दें। ऐप के सेफ्टी सेंटर में जाकर परमिशंस चेक करते रहें।
| क्या करें | क्यों है जरूरी |
|---|---|
| UPI लिमिट कम करें | धोखाधड़ी होने पर नुकसान सीमित रहता है। |
| ऑटोपे (Autopay) चेक करें | खाते से अपने आप पैसे कटने से रोकता है। |
| QR रिफंड खारिज करें | खाते से पैसे निकलने की ठगी से बचाता है। |
इसके बाद अपने मोबाइल कनेक्शन की सुरक्षा बढ़ाएं। स्पैम कॉल रोकने के लिए 1909 पर ‘START 0’ मैसेज भेजकर या कॉल करके ‘डू नॉट डिस्टर्ब’ (DND) सर्विस चालू करें। बैंक या केवाईसी के नाम पर आने वाले मैसेज के सेंडर नेम को ध्यान से देखें; संदिग्ध नंबरों पर भरोसा न करें। ‘संचार साथी’ (Sanchar Saathi) पोर्टल पर जाकर चेक करें कि आपकी आईडी पर कितने सिम चालू हैं। बिना पहचान वाले सिम डिस्कनेक्ट करें, फर्जी सिम स्वैप की शिकायत करें और फोन गुम होने पर IMEI नंबर से डिवाइस को ब्लॉक करें।
शिकायत, सबूत और सावधानियां: क्या ध्यान रखें?
साइबर ठगी का शक होने पर चैट डिलीट करने से पहले सभी सबूत सुरक्षित कर लें। पेमेंट स्क्रीनशॉट, RRN नंबर और डिवाइस लॉग संभालकर रखें। सिर्फ मैसेज ही नहीं, बल्कि उस संदिग्ध फाइल का नाम और लिंक भी सेव करें। कंपनी के सीनियर के नाम पर नियम तोड़कर पैसे मांगने वाले मैसेज, ऑफिशियल ऐप स्टोर के बाहर से APK डाउनलोड करने के लिंक, QR कोड रिफंड के दावे और डेडलाइन देकर KYC अपडेट कराने वाले लिंक से हमेशा सतर्क रहें। इस जानकारी को अपने परिजनों और सहकर्मियों के साथ शेयर करें ताकि वे भी जागरूक रह सकें।