शेयर बाजार का नया नियम: 3:15 से 3:40 के बीच बदल जाएगी ट्रेडिंग, F&O ट्रेडर्स ऐसे तैयार करें वॉचलिस्ट
भारतीय शेयर बाजार में लागू हुआ नया क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) अब शेयरों के अंतिम भाव (क्लोजिंग प्राइस) तय करने में बड़ी भूमिका निभा रहा है। आज दोपहर 3:15 से 3:35 बजे के बीच F&O सेगमेंट के भारी शेयरों में बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि इस समय बड़े पैमाने पर ऑर्डर एग्जीक्यूट होते हैं। नए नियमों के तहत अब ऑप्शंस ट्रेडिंग दोपहर 3:40 बजे तक चलेगी। सेबी (SEBI) के जनवरी वाले सर्कुलर और एक्सचेंजों के निर्देशों के आधार पर CAS की व्यवस्था 3 अगस्त 2026 से प्रभावी हुई है।
CAS व्यवस्था के तहत ऑफिशियल क्लोजिंग प्राइस वही मानी जाती है, जिस पर सबसे ज्यादा शेयरों का सौदा (एक्ज़ीक्यूटेबल वॉल्यूम) संभव हो सके। अगर दो भावों के बीच मुकाबला बराबरी का रहता है, तो सबसे कम ऑर्डर इम्बैलेंस और रेफरेंस प्राइस के सबसे करीब वाले भाव को प्राथमिकता दी जाती है। यह रेफरेंस प्राइस रेगुलर ट्रेडिंग के आखिरी 30 मिनट के वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) से निकाली जाती है। इस विंडो के दौरान स्टॉक एक्सचेंज इंडिकेटिव क्लोज और ऑर्डर इम्बैलेंस का डेटा लगातार जारी करते रहते हैं।

3:15–3:40 CAS: आज के लिए F&O वॉचलिस्ट ऐसे करें तैयार
ट्रेडर्स को मुख्य रूप से F&O की कैटेगरी-I वाले उन शेयरों पर ध्यान देना चाहिए जहां ऑक्शन लिक्विडिटी सबसे ज्यादा रहती है। कल के उन शेयरों को फिल्टर करें जिनमें ऑक्शन डेप्थ ज्यादा थी या इम्पैक्ट कॉस्ट ऊंची रही हो, क्योंकि इससे स्लिपेज (नुकसान) का जोखिम साफ दिखता है। साथ ही उन स्टॉक्स को वॉचलिस्ट में जोड़ें जिनमें इंट्राडे के दौरान ओपन इंटरेस्ट (OI) में बड़ा बदलाव आया हो। दोपहर 3:00 बजे के बाद VWAP और LTP के बीच बड़े अंतर वाले शेयरों पर पैनी नजर रखें। इसके बाद आखिरी 10 मिनट में आ रहे ऑर्डर्स के ट्रेंड, इम्बैलेंस और इम्पैक्ट कॉस्ट को ट्रैक करें।
| शेयर (Stock) | ऑर्डर इम्बैलेंस (खरीद/बिक्री) | इंडिकेटिव क्लोज (संकेतित समापन) | LTP बनाम VWAP गैप | इम्पैक्ट कॉस्ट (प्रभाव लागत) | आज OI में बदलाव | फील्ड नोट्स |
|---|---|---|---|---|---|---|
| लाइव जोड़ें | खरीद/बिक्री की मात्रा | ₹ वैल्यू | % गैप | % कॉस्ट | % बदलाव | NSE CAS स्क्रीन |
| लाइव जोड़ें | खरीद/बिक्री की मात्रा | ₹ वैल्यू | % गैप | % कॉस्ट | % बदलाव | ब्रोकर डेप्थ |
| लाइव जोड़ें | खरीद/बिक्री की मात्रा | ₹ वैल्यू | % गैप | % कॉस्ट | % बदलाव | इंडेक्स वेटेज |
CAS ट्रैकिंग और F&O ट्रेडर्स के लिए जरूरी बातें व जोखिम
CAS के दौरान स्टॉक एक्सचेंज की ओर से मिलने वाले लाइव फीड का इस्तेमाल करें, जिसमें इंडिकेटिव क्लोज, इम्बैलेंस और प्राइस बैंड्स दिखता रहता है। ध्यान रहे कि ऑर्डर एंट्री किसी भी रैंडम सेकंड पर बंद हो सकती है, ताकि कोई बाजार में हेरफेर न कर सके। क्लियरिंग कॉरपोरेशन एक्सचेंज के ऑक्शन डेटा के आधार पर ही सेटलमेंट प्राइस तय करते हैं। नए टाइमटेबल के चलते ऑप्शंस का ऑटो स्क्वायर-ऑफ और मार्जिन ट्रिगर टाइमिंग भी बदल सकता है।
दोपहर 3:15 से 3:40 बजे के इस समय को किसी भविष्यवाणी की तरह न देखें, बल्कि केवल डेटा जुटाने के मौके के तौर पर इस्तेमाल करें। सख्त नियमों के आधार पर अपनी वॉचलिस्ट बनाएं और ऑक्शन के दौरान लेवरेज लेने से बचें। अगर ऑक्शन का भाव आखिरी कुछ मिनटों के रुझान से अलग रहता है, तो अगले दिन बाजार खुलते ही भाव में बड़ा गैप दिख सकता है। यह रिपोर्ट केवल जानकारी के उद्देश्य से दी गई है; शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है।