‘शोएब अख्तर और शाहिद अफरीदी भारत में क्रिकेट के बहाने ड्रग्स की तस्करी करते थे’, पाकिस्तानी क्रिकेटरों पर बड़ा दावा – pakistan cricketer shoaib akhtar and shahid afridi do drugs supply in india during cricket match tour


गृह मंत्रालय के पूर्व अधिकारी आर.वी.एस. मणि ने दावा किया है कि भारत आने वाले पाकिस्तानी क्रिकेटर और डेलिगेशन खुफिया तरीके से ड्रग्स की तस्करी करते थे। उन्होंने शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ जैसे नाम लेते हुए कहा कि कोच बॉब वूल्मर की संदिग्ध मौत इसी ड्रग्स सिंडिकेट का विरोध करने के कारण हुई थी।

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भारत में ड्रग्स सप्लाई करते थे पाकिस्तानी खिलाड़ी(फोटोAP)
नई दिल्ली: क्रिकेट जगत में पाकिस्तानी खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन और मैच फिक्सिंग के किस्से तो आम हैं, लेकिन अब उनकी एक और ऐसी घिनौनी करतूत सामने आई है जिसने पूरे खेल जगत को शर्मसार कर दिया है। मैदान पर अपनी घटिया खेल भावना और बदतमीजी के लिए बदनाम रहने वाले पाकिस्तानी क्रिकेटर असल जिंदगी में ड्रग्स तस्कर निकले। जो खिलाड़ी खेल के मैदान पर ढंग से रन नहीं बना पाते थे, वे पीठ पीछे भारत में जहर घोलने का धंधा कर रहे थे। केंद्रीय गृह मंत्रालय के पूर्व अंडर सेक्रेटरी आर.वी.एस. मणि ने एक इंटरव्यू में जो खुलासा किया है, उसने यह साफ कर दिया है कि पाकिस्तानी टीम के खिलाड़ी केवल क्रिकेट खेलने के बहाने भारत आते थे, जबकि उनका असली मकसद यहां ड्रग्स की स्मगलिंग करना होता था।

भारत में ड्रग्स धकेलने का था गंदा धंधा

ANI के पॉडकास्ट में आर.वी.एस. मणि ने आरोप लगाया कि भारत दौरे पर आने वाले पाकिस्तानी डेलिगेशन, जिनमें पत्रकार और हाई-प्रोफाइल क्रिकेटर्स भी शामिल थे, भारत में ड्रग्स की तस्करी करते थे। उन्होंने साल 2006 के आसपास भारत आए SAFMA डेलिगेशन का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में ड्रग्स धकेलना हमेशा से पाकिस्तान की आधिकारिक और सोची-समझी नीति का हिस्सा रहा है। क्रिकेट फैंस के लिए यह काफी हैरान करने वाला जरूर है, लेकिन चंद पैसों के लिए पाकिस्तान के खिलाड़ी पहले भी ऐसा करते रहे हैं।

शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ भी थे इस काले धंधे में शामिल

बातचीत के दौरान आरवीएस मणि ने सीधे तौर पर शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ जैसे मशहूर पाकिस्तानी तेज गेंदबाजों का नाम लिया। उन्होंने दावा किया कि ऐसे मामले सामने आए थे जहां इन क्रिकेटरों को खुद यह कबूल करने के बाद कि वे ड्रग्स ले जा रहे थे, जिसके बाद उन्हें पाकिस्तानी हाई कमिशन द्वारा वापस भेज दिया गया था। हालांकि, उस समय इसे निजी इस्तेमाल का नाम देकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई थी, लेकिन मणि के अनुसार यह केवल एक बहाना था। उन्होंने आगे कहा कि सलीम मलिक और शाहिद अफरीदी जैसे अन्य हाई-प्रोफाइल खिलाड़ी भी इस तरह की गतिविधियों से जुड़े थे।

कोच बॉब वूल्मर की हत्या के पीछे भी था ड्रग तस्करी का एंगल

इस बातचीत में सबसे हैरान करने वाला दावा पाकिस्तान टीम के तत्कालीन कोच बॉब वूल्मर की मौत को लेकर किया गया। पूर्व सरकारी अधिकारी ने संकेत दिया कि इंग्लिश कोच बॉब वूल्मर ने पाकिस्तानी क्रिकेटरों द्वारा की जा रही इस ड्रग तस्करी का कड़ा विरोध किया था, जिसके ठीक बाद मार्च 2007 में वेस्टइंडीज में संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई थी। मणि ने कहा कि यदि इन सभी कड़ियों को आपस में जोड़ा जाए, तो यह स्पष्ट होता है कि ड्रग रैकेट का विरोध करने के कारण ही वूल्मर को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।

ड्रग्स के पैसे से भारत में फैलाया जाता था आतंकवाद

आरवीएस मणि ने रक्षा खुफिया एजेंसी के तत्कालीन अनुमानों का हवाला देते हुए बताया कि उस दौर में भारत में होने वाले लगभग 30 प्रतिशत आतंकी हमलों की फंडिंग सीधे तौर पर इसी ड्रग ट्रैफिकिंग के जरिए होती थी। उन्होंने खुफिया अधिकारियों के काम करने के तरीके को साझा करते हुए बताया कि वे अफगानिस्तान के जलालबाद में अफीम की बंपर पैदावार के आंकड़ों को देखकर भारत में होने वाले संभावित आतंकी हमलों का पूर्वानुमान लगाते थे। उनके अनुसार, ड्रग्स के जरिए भारतीय युवाओं को बर्बाद करना और उसी पैसे से भारत में आतंकवाद फैलाना पाकिस्तान की घिनौनी और तय रणनीति रही है।

ऋषिकेश कुमार सिंह

लेखक के बारे मेंऋषिकेश कुमार सिंहऋषिकेश कुमार सिंह (डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर)

ऋषिकेश कुमार सिंह वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) डिजिटल में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने साल 2022 में ‘इंडिया टीवी’ से अपने करियर की शुरुआत की और बहुत कम समय में अपनी सटीक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन से पहचान बनाई। वे अप्रैल 2025 में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स, डिजिटल विंग से जुड़े। पत्रकारिता में ऑनलाइन न्यूज डेस्क पर उन्हें काम करने का 3.5 साल का अनुभव है।

विशेषज्ञता: ऋषिकेश कुमार सिंह खास तौर पर खेल की खबर, ब्रेकिंग न्यूज, रियल टाइम खबरें, एक्सप्लेनर और रिसर्च आधारित खबरें करते हैं। इसके अलावा वह क्रिकेट, WWE, हॉकी और टेनिस जैसे खेलों की गहरी समझ रखते हैं। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वह वीडियो एंकरिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग और वीडियो एडिटिंग में निपुण।

शिक्षा: मूल रूप से झारखंड के बोकारो के रहने वाले ऋषिकेश कुमार सिंह ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से बैचेलर इन मीडिया में स्नातक किया। उन्होंने साल 2022 में अपनी स्नातक डिग्री पूरी की थी।और पढ़ें