सम्राट चौधरी सरकार के 100 दिन पूरे लेकिन बड़ी चुनौती (ETV Bharat)
पटना : 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और 100 दिनों के लक्ष्य के साथ काम शुरू किया था. अब सम्राट चौधरी सरकार के 100 दिन पूरे होने वाले हैं. संभव है कि सरकार अपनी उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड भी जारी करे. लेकिन इन 100 दिनों में विशेषज्ञों का कहना है कि बड़ी घोषणाओं के अलावा सरकार की कोई बड़ी उपलब्धि नहीं रही है.
5 करोड़ नौकरी और रोजगार चुनौती : बिहार सरकार ने बड़े फैसले जरूर लिए गए हैं, लेकिन उन्हें जमीन पर उतरने में वर्षों लगेंगे. एनडीए सरकार ने चुनाव में 5 करोड़ नौकरी और रोजगार का वादा किया था, लेकिन नौकरी और रोजगार को लेकर सम्राट चौधरी सरकार ने कोई बड़ा फैसला नहीं लिया है.
देखें रिपोर्ट- (ETV Bharat)
वादा नहीं हुआ पूरा : महिलाओं को ₹20,000 की दूसरी किस्त छह महीने के भीतर देने की बात कही गई थी, लेकिन यह वादा भी पूरा नहीं हुआ. वहीं, विपक्ष का कहना है कि 100 दिनों में बिहार के लोगों पर कई तरह के टैक्स जरूर लगा दिए गए हैं, लेकिन वादों को पूरा नहीं किया गया है.
कई बड़ी घोषणाएं हुईं लेकिन अमल में लगेगा समय : सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद कई बड़े फैसले लिए गए हैं. 11 सैटलाइट टाउनशिप बनाने का फैसला लिया गया है. पटना से चार कॉरिडोर में रैपिड मेट्रो चलाने का फैसला लिया गया है. इन सभी योजनाओं को जमीन पर उतरने में अभी कई वर्ष लगेंगे.
1 लाख करोड़ कर्ज का फैसला : सैटलाइट टाउनशिप बनाने के लिए सरकार ने एक लाख करोड़ रुपये का कर्ज लेने का भी बड़ा फैसला किया है. लेकिन विधानसभा चुनाव के समय सरकार ने जो वादे किए थे, पिछले 100 दिनों में उन पर कितना काम हुआ है, इसे भी देखा जा रहा है.
”नौकरी और रोजगार एनडीए सरकार का सबसे बड़ा वादा था. इसलिए 100 दिनों में कोई बड़ी वैकेंसी नहीं निकाली गई. शिक्षकों की बहाली को लेकर भी कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया. हालांकि, कैबिनेट में यह फैसला जरूर लिया गया है कि हर साल 20,000 शिक्षकों की बहाली होगी. पांच साल में 1,00,000 शिक्षकों की बहाली करने का फैसला लिया गया है. टीआरई-4 की बहाली भी अभी लंबित है.”– रणधीर कुमार, राजनीतिक विशेषज्ञ

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (ETV Bharat)
महिलाओं की दूसरी किस्त पर भी उठ रहे सवाल : इसी तरह महिलाओं को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत दूसरी किस्त की राशि छह महीने के भीतर दे दी जानी थी, लेकिन अब आठ महीने से अधिक समय बीत चुका है. सरकार के पास खजाने में राशि नहीं होने की बात कही जा रही है, जिसके कारण महिलाओं को दूसरी किस्त देने में परेशानी हो रही है.
विपक्ष ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरा : विपक्ष की ओर से भी सरकार पर कई तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं. आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद का कहना है कि- ”सरकार ने 100 दिनों में बिहार के लोगों पर कई तरह के टैक्स जरूर लगा दिए हैं. अब गांव के लोगों को भी टैक्स देना होगा. सम्राट सरकार द्वारा न नौकरी का वादा पूरा किया गया और न ही दूसरे वादे पूरे किए गए. बल्कि एनकाउंटर के नाम पर बिहार के लोगों में डर का माहौल बनाया जा रहा है.”

ऐजाज अहमद, प्रवक्ता, आरजेडी (ETV Bharat)
‘सभी वादे पूरे होंगे’ : बिहार सरकार के मंत्रियों का दावा है कि सरकार ने 100 दिनों में बिहार के विकास और लोगों के हित में कई बड़े काम किए हैं. योजना एवं विकास मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है. सभी वादे पूरे किए जा रहे हैं.
”211 डिग्री कॉलेज शुरू हो चुके हैं. इसी महीने महिलाओं को रोजगार के लिए राशि भी दी जाएगी. एक करोड़ नौकरी और रोजगार पांच साल में देना है और वर्ष 2030 से पहले यह लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा.”– भगवान सिंह कुशवाहा, मंत्री, बिहार
महिलाओं की राशि पर सरकार का जवाब : विपक्ष की ओर से सबसे अधिक निशाना महिलाओं के रोजगार के लिए दूसरी किस्त नहीं दिए जाने पर लगाया जा रहा है. यहां तक कि प्रशांत किशोर ने भी सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि चुनाव के समय महिलाओं से वोट तो ले लिया गया, लेकिन दो लाख रुपये की राशि देने का वादा पूरा नहीं किया जा रहा है.
‘पहली-दूसरी किस्त का प्रस्ताव सीएम को भेजा गया’ : इस पर ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार का कहना है कि- ”सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है. जिन महिलाओं को पहली किस्त नहीं मिली है, उन्हें पहली किस्त भी दी जाएगी और दूसरी किस्त की राशि भी मिलेगी. इसकी तिथि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तय करेंगे. प्रस्ताव बनाकर मुख्यमंत्री को भेज दिया गया है.”

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (ETV Bharat)
उपमुख्यमंत्रियों ने भी सरकार का बचाव किया : बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी का कहना है कि मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी, नीतीश कुमार के सुशासन और न्याय के साथ विकास की नीति पर आगे बढ़ रहे हैं. वहीं, उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव का कहना है कि बिहार का खजाना खाली नहीं है.
”जो लोग ऐसा कह रहे हैं कि बिहार का खजाना खाली है, वे गलत कह रहे हैं. बरसात के समय कई काम स्वाभाविक रूप से रुक जाते हैं, लेकिन सरकार ने जो वादे किए हैं, उन पर तेजी से काम चल रहा है.”– विजेन्द्र प्रसाद यादव, उप मुख्यमंत्री, बिहार
100 दिनों में लिए गए विकास संबंधी बड़े फैसले : सम्राट चौधरी सरकार ने पिछले 100 दिनों में कई बड़े फैसले लिए हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भी सरकार का विशेष जोर है, जिसके लिए कॉरपोरेशन का गठन किया गया है.

एमएलसी चुनाव में विजय के बाद सम्राट चौधरी और पवन सिंह (ETV Bharat)
5 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य : शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था और गरीबों से जुड़ी योजनाओं को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं. इसके अलावा निवेश बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. नवंबर तक सरकार ने 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है. पर्यटन के विकास के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं.
100 दिनों के 10 बड़े फैसले-
- 12 सैटलाइट टाउनशिप बनाने का बड़ा फैसला.
- पटना, मधुबनी, सिवान, नवादा और औरंगाबाद में पांच नए निजी विश्वविद्यालय खोलने का फैसला.
- पटना से चार कॉरिडोर में मुजफ्फरपुर, गया, बेगूसराय और अन्य रूटों पर रैपिड ट्रांजिट ट्रेन चलाने का फैसला.
- 211 डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू करने का फैसला, जिसकी शुरुआत हो चुकी है. ऑनलाइन क्लास भी शुरू हो गई हैं.
- भागलपुर से मुंगेर तक 83 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव बनाने का फैसला.
- लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए सहयोग शिविर की शुरुआत.
- नेशनल हाईवे की तर्ज पर स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स लगाने का फैसला.
- सरकारी कर्मचारी हर तीन महीने में एक बार सरकारी खर्च पर बिहार के पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे.
- औद्योगिक निवेश के लिए सिंगल नोडल एजेंसी का गठन और 30 दिनों में निवेश प्रस्तावों की मंजूरी का प्रावधान.
- सरकारी अनुदान पर हेलीकॉप्टर से हेलो टूरिज्म और एयर टूरिज्म शुरू करने का फैसला.
- एनकाउंटर और राजस्व बढ़ाने की चुनौती
100 दिनों की मुश्किल : पिछले 100 दिनों में सरकार के लिए खाली खजाना चुनौती बना रहा है. साथ ही एनकाउंटर के मुद्दे पर भी सरकार की किरकिरी हुई है. भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा और न्यायिक जांच आयोग का गठन करना पड़ा. फिलहाल जांच की प्रक्रिया जारी है.
विधान परिषद की हाल एक झटका : विधान परिषद की छपरा-भोजपुर निकाय सीट पर हुए चुनाव में जदयू के एनडीए उम्मीदवार की हार सरकार के लिए बड़ा झटका रही. हालांकि, राज्यसभा की पांचों सीटों पर जीत और विधान परिषद की 10 में से 9 सीटों पर सफलता से एनडीए को अपनी एकजुटता दिखाने का मौका भी मिला.
कई मोर्चे पर काम कर रही सम्राट सरकार : सरकार को अभी कई मोर्चों पर काम करना है. राजस्व बढ़ाने के लिए कई तरह के टैक्स लगाने की घोषणा की गई है. ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत टैक्स लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में भी टैक्स बढ़ाया गया है.
सरकार राजस्व बढ़ाने पर कर रही काम : स्टेट हाईवे पर भी टोल टैक्स लगाने का फैसला लिया गया है. कुल मिलाकर सरकार कई स्तरों पर राजस्व बढ़ाने की कोशिश कर रही है, लेकिन आने वाला समय उसके लिए और चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है. खासकर नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराना सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है.
ये भी पढ़ें-