

जयपुर (द स्टैलर न्यूज़)। जयपुर की एयरपोर्ट कॉलोनी में सरकारी नौकरी और करोड़ो की संपत्ति के लालच में बेटी ने मां को मौत के घाट उतार दिया। जानकारी मुताबिक पिता की मौत के बाद नीरज शर्मा, बेटी आयुषी शर्मा अपने बीमार बेटे के साथ एयरपोर्ट कॉलोनी में रह रही थी। बताया जा रहा है कि उसके पिता करीब ढाई साल पहले कोर्ट में एलडीसी रह चुके थे और उसके पिता की नौकरी किसी एक परिवार मैंबर को मिलनी थी, इस चक्कर में आयुषी ने अपनी मां को मौत के घाट उतार दिया। आयुषी ने उस समय सिर्फ़ 12वीं पास की थी। उसने अपनी माँ से पिता की जगह सरकारी नौकरी दिलाने को कहा। उसकी मां नीरज शर्मा भी इसके लिए तैयार थीं। लेकिन फिर आयुषी के मामा ने समझाया कि नीरज पढ़ी-लिखी है और उसे अपने दिव्यांग बेटे की देखभाल करनी है। आखिर में, उसकी मां ने अपने पति की जगह नौकरी कर ली। आयुषी अपनी मां की नौकरी से खुश नहीं थी। वह जयपुर की कल्याण कॉलोनी में अपने पुराने घर में रहने लगी। वहां उसने अपने मामा मोहन स्वरूप शर्मा के बेटे बलराम के साथ LLB कोर्स में एडमिशन ले लिया। दोनों चचेरे भाई-बहन साथ रहने लगे।
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आरोप है कि इसी दौरान आयुषी ने सबसे पहले अपनी मां को मारने का सोचा था। करोड़ों की जमीन का लालच आरोपी के मुताबिक, आयुषी ने बलराम से कहा कि अगर वह उसकी मदद करेगा तो उसे आगरा रोड पर करीब 5 करोड़ रुपये की पांच बीघा जमीन और भरतपुर में करीब 5 करोड़ रुपये की चार बीघा जमीन दी जाएगी। इस संबंधी जानकारी देते पुलिस ने बताया कि पिता की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति को लेकर शुरू हुए विवाद के बीच आरोपी आयुषी शर्मा ने अपने ताऊ, चचेरे भाई और अन्य लोगों के साथ मिलकर कथित तौर पर पूरी योजना बनाई। पहले हत्या को सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की गई और बाद में कथित तौर पर किराये की स्कॉर्पियो से मां नीरज शर्मा को टक्कर मारकर उनकी हत्या कर दी गई। मृतका के भाई के संदेह पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की, जिसके बाद कथित साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और जांच जारी है।
