उत्तर प्रदेश के वाराणसी से बेहद हैरान करने वाले घटना सामने आई हैं, जहां पोती ने सरकारी नौकरी पाने के लिए दादी को मौत के घाट उतारने की साजिश रच डाली. आरोपी पोती ने अपने पति के साथ मिलकर दादी के खाने में जहर मिला दिया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई. जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया. पुलिस ने इस मामले में आरोपी पोती और उसके पति को गिरफ़्तार कर लिया है.
ये घटना वाराणसी के लोहता थाना क्षेत्र की बताई जा रही है. यही रहने वाली पानपति देवी को पति की मौत के बाद वाराणसी चावल अनुसंधान केंद्र में चतुर्थ श्रेणी के पद पर नौकरी मिली थी, जिसके बाद से ही वो यहां पर काम कर रही थी. पानपति देवी के पास अभी चार साल की नौकरी और बची हुई थी. पानपति की पोती रवीना की नजर इसी नौकरी पर टिकी हुई थी.
सरकारी नौकरी पाने के लिए रची साजिश
रवीना को लगता था कि अगर उसकी दादी मर गई तो उसे आश्रित कोटे से नौकरी मिल जाएगी. इसलिए उसने दादी पानपति को रास्ते से हटाने का मन बना लिया ताकि दादी की मौत के बाद उसे सरकारी नौकरी मिल जाए. रवीना ने अपने पति मोनू के साथ मिलकर पानपति के खाने में जहर मिला दिया और उसे खाने के लिए दे दिया.
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खाना खाते ही पानपति देवी की तबीयत बिगड़ गई और हालत बेहद ख़राब हो गई. दादी की तबीयत ख़राब होते देख आसपास लोग उन्हें तत्काल स्थानीय अस्पताल लेकर पहुँच गए. ग़नीमत ये रही कि समय पर इलाज मिलने की वजह से पानपति देवी की जान बच गई. जिसके बाद उन्होंने अपनी पोती और उसके पति के खिलाफ लोहता थाने में शिकायत दर्ज करवा दी.
आरोपी पोती और उसका पति गिरफ़्तार
DCP प्रमोद कुमार ने ABP Live से बातचीत में बताया कि इस मामले में पुलिस ने संज्ञान लिया है . घटना 19 जून की है और पानीपत देवी को बचा लिया गया है. महिला के द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करके जेल भेज दिया गया है. आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.
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