जागरण संवाददाता, सहरसा। बिहार के सहरसा जिले से एक बेहद सनसनीखेज और हैरान करने वाला प्रशासनिक फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां जालसाजों ने सीधे जिले के मुखिया पर ही हाथ साफ कर दिया। सहरसा के जिलाधिकारी (DM) दीपेश कुमार के हूबहू फर्जी हस्ताक्षर और समाहरणालय कार्यालय का गलत पत्रांक नंबर उपयोग कर अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) निर्गत करने का यह बड़ा मामला है। डीएम के जाली हस्ताक्षर से एनओसी जारी होने की भनक लगते ही पूरे जिला प्रशासनिक महकमे और समाहरणालय में हड़कंप मच गया है, जिसके बाद विभाग तुरंत एक्शन मोड में आ गया है।
नेचुरल ऑयल कॉर्पोरेशन के नाम पर हुआ फर्जीवाड़ा
दरअसल, शातिरों द्वारा ‘नेचुरल ऑयल कॉर्पोरेशन’ के नाम से यह एनओसी पूरी तरह फर्जी और अवैध तरीके से निर्गत किया गया था, जिस पर जिला पदाधिकारी के जाली दस्तखत का इस्तेमाल हुआ। मामला पकड़ में आने के बाद जब अंदरूनी जांच की गई, तो पाया गया कि उस प्रमाण पत्र पर किया गया हस्ताक्षर, अंकित पत्रांक और दिनांक कार्यालय की मुख्य निर्गत पंजी (रजिस्टर) में कहीं दर्ज ही नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि जाली एनओसी पर दर्ज पत्रांक 495 दिनांक 29 अप्रैल 2026 असल में कार्यालय के रिकॉर्ड के अनुसार उपनिदेशक खाद्य (कोसी प्रमंडल, सहरसा) से संबंधित फाइल का है।
सूरज कुमार ने जाली एनओसी दिखाकर की लाखों की ठगी
इस महा-फर्जीवाड़े का शिकार हुए पीड़ित मंटून कुमार (पिता- रामकृष्ण प्रसाद, निवासी बेलहा चंदौर, सौरबाजार) ने जिला प्रशासन को लिखित आवेदन देकर इस पूरे काले खेल का भंडाफोड़ किया है। पीड़ित मंटून कुमार ने बताया कि सूरज कुमार नामक एक शातिर व्यक्ति ने उन्हें झांसा दिया और नेचुरल ऑयल कॉर्पोरेशन के लिए तैयार किया गया यही जाली एनओसी दिखाकर उनके साथ बड़ी धोखाधड़ी की। सूरज कुमार ने पीड़ित को पूरी तरह अपने जाल में फंसाकर यह फर्जी एनओसी थमा दिया था, जिसकी सत्यता जांचने जब पीड़ित दफ्तर पहुंचा तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए।
सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज, आरोपी की तलाश में पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने सीधे सदर थानाध्यक्ष को लिखित आवेदन सौंपकर कड़ा कानूनी एक्शन लेने और जाली दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह पर नकेल कसने को कहा है। प्रशासन ने मुख्य आरोपी सूरज कुमार और इस साजिश में संलिप्त अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अविलंब प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। आपूर्ति पदाधिकारी के कड़े आवेदन के आधार पर सदर थाना पुलिस मामले को दर्ज कर आरोपी सूरज कुमार की गिरफ्तारी और इस रैकेट के पीछे छिपे अन्य चेहरों को बेनकाब करने के लिए छापेमारी में जुट गई है।