सावधान! इनकम टैक्स के नाम पर हो रही है बड़ी धोखाधड़ी, ऐसे पहचानें असली और नकली मैसेज | Fake Income Tax Notice And Refund Scam: How To Identify And Protect Yourself In 2026


सावधान! इनकम टैक्स के नाम पर हो रही है बड़ी धोखाधड़ी, ऐसे पहचानें असली और नकली मैसेज

9 सितंबर 2026 को फर्जी इनकम टैक्स ‘नोटिस’ और ‘रिफंड’ के मैसेज में अचानक भारी उछाल देखा गया है। ठग लोगों को डराकर या जल्दबाजी का झांसा देकर लिंक्स के जरिए बैंक खाता खाली कर रहे हैं। ऐसे किसी भी मैसेज के साथ आए अटैचमेंट या लिंक पर भूलकर भी क्लिक न करें। कोई भी नोटिस या रिफंड की जानकारी चाहिए, तो सीधे इनकम टैक्स के ऑफिशियल e-Filing पोर्टल पर लॉग इन करके ही चेक करें। जो भी कदम उठाना हो, पोर्टल के अंदर ही उठाएं।

पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद नोटिस असली है या फर्जी, यह परखने के लिए ‘View Notices/Orders’ सेक्शन में जाएं। काम और उसकी डेडलाइन जानने के लिए ‘Pending Actions’ और ‘e-Proceedings’ चेक करें। रिफंड का स्टेटस डैशबोर्ड पर ‘View Filed Returns’ या ‘Refund Status’ में दिखाई देगा। अगर पोर्टल पर कुछ भी नजर न आए, तो समझ जाएं कि मैसेज फर्जी था। इनकम टैक्स विभाग के सभी असली मैसेज रेफरेंस नंबर और ड्यू डेट के साथ आपकी एक्टिविटी लॉग में दर्ज होते हैं।

Fake Income Tax Notice and Refund Scam: How to Identify and Protect Yourself in 2026

ऐसे पहचानें फर्जी इनकम टैक्स नोटिस और रिफंड मैसेज: जरूरी चेकलिस्ट

अंजान नंबरों से मैसेज आना, स्पेलिंग की गलतियां होना और तुरंत कानूनी कार्रवाई की धमकी मिलना—ये धोखाधड़ी के साफ इशारे हैं। कई बार SMS के हैडर XX-ITDEPT जैसे दिखते हैं, लेकिन जालसाज इन्हें भी स्पूफ (फर्जी तरीके से कॉपी) कर लेते हैं। किसी भी लिंक या QR कोड पर भरोसा न करें। आयकर विभाग के आधिकारिक ईमेल हमेशा gov.in या nic.in पर खत्म होते हैं। जरा भी शक होने पर 1930 पर कॉल करें और फर्जी ईमेल को ऑफिशियल रिपोर्ट-फिशिंग आईडी पर फॉरवर्ड कर दें।

ITD पोर्टल पर रिफंड स्टेटस चेक करने और असली नोटिस से निपटने का सही तरीका

रिफंड ट्रैक करने के लिए डैशबोर्ड पर जाएं, ‘View Filed Returns’ चुनें और फिर ‘Refund Status’ पर क्लिक करें। यहां रिफंड की रकम और असेसमेंट ईयर का सही से मिलान कर लें। अगर नोटिस असली है, तो उसमें दर्ज सेक्शन और वजह को ध्यान से पढ़ें। डेडलाइन खत्म होने से पहले ही ‘Submit Response’ या ‘Seek Adjournment’ का विकल्प चुनें। किसी भी टैक्स बकाया का भुगतान सिर्फ पोर्टल के ई-पे टैक्स रूट के जरिए ही करें और पावती (acknowledgment) संभालकर रखें।

ओल्ड बनाम न्यू टैक्स रिजीम: सैलरी के इस गणित से समझें फर्जी रिफंड का खेल

मान लीजिए आपकी सालाना सैलरी ₹12,00,000 है। ओल्ड टैक्स रिजीम में ₹50,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन और सेक्शन 80C के तहत ₹1,50,000 की छूट घटाने पर सेस मिलाकर करीब ₹1,17,000 टैक्स बनता है। वहीं न्यू रिजीम में केवल स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा मिलने पर टैक्स लगभग ₹85,800 बनता है। अब अगर आपकी कंपनी ने ₹1,00,000 TDS काटा है, तो न्यू रिजीम के हिसाब से आपका सही रिफंड ₹14,200 के आसपास ही बनेगा। अगर कोई मैसेज इससे कहीं ज्यादा भारी-भरकम रिफंड का दावा करे, तो सावधान हो जाएं।

टैक्स व्यवस्था (Regime) टैक्स योग्य आय (₹) सेस से पहले टैक्स (₹) सेस सहित कुल टैक्स (₹)
ओल्ड रिजीम 10,00,000 1,12,500 1,17,000
न्यू रिजीम 11,50,000 82,500 85,800

आयकर विभाग से जुड़ी हर बातचीत और गतिविधि पोर्टल के भीतर ही रखें। अपने अकाउंट में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन ऑन रखें और कॉन्टैक्ट डिटेल्स अपडेट रखें। फोन या चैट पर कभी भी ओटीपी या पैन कार्ड की फोटो शेयर न करें। फॉर्म 16, फॉर्म 26AS और एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) जैसे जरूरी दस्तावेज हमेशा अपने पास संभालकर रखें। जब भी कुछ संदिग्ध लगे, तो तुरंत रुकें, पोर्टल पर जाकर खुद जांचें और शिकायत दर्ज कराएं। जल्दबाजी से ज्यादा आपकी समझदारी काम आएगी।



Leave a Comment