सीतापुर में शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई: फर्जी प्रमाणपत्रों पर नौकरी करने वाले 7 शिक्षक बर्खास्त, मुकदमा दर्ज होगा – education departmen action 7 teachers dismissed holding jobs based fake certificates cases registered


फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने वालों पर शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात सहायक अध्यापकों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।

हाइलाइट्स

  • फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने पर कार्रवाई
  • शिक्षा विभाग ने सात सहायक अध्यापकों की सेवाएं समाप्त कर दी
  • सभी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश
Sitapur Education Department Action
सीतापुर में शिक्षा विभाग में कार्रवाई
आनंद कुमार तिवारी, सीतापुर: शिक्षा विभाग ने फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने वालों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए सात सहायक अध्यापकों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। विभागीय जांच में टीईटी और बीएड के फर्जी अंकपत्रों के आधार पर नियुक्ति पाने की पुष्टि होने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने तत्काल प्रभाव से बर्खास्तगी के आदेश जारी किए हैं।

साथ ही सभी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने बताया कि विभागीय जांच में सात शिक्षकों द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) एवं बीएड के फर्जी अंकपत्र प्रस्तुत कर नियुक्ति प्राप्त करने की पुष्टि हुई। इसके बाद 22 जुलाई 2026 को सभी की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया गया।

फर्जी टीईटी अंकपत्र के आधार पर नौकरी

कार्रवाई की जद में खैराबाद ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय हाजीपुर में तैनात सहायक अध्यापिका कुसुमलता, लहरपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय भानपुर के सहायक अध्यापक मनीष सिंह तथा प्राथमिक विद्यालय गनेशपुर के सहायक अध्यापक भूपेंद्र कुमार शामिल हैं। इन तीनों पर फर्जी टीईटी अंकपत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने का आरोप सिद्ध हुआ।
वहीं महोली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बसारा की सहायक अध्यापिका पूजा और प्राथमिक विद्यालय महुआकोला के सहायक अध्यापक विवेक कुमार के खिलाफ फर्जी टीईटी के साथ-साथ फर्जी बीएड अंकपत्र लगाने की पुष्टि हुई, जिसके चलते उनकी भी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। इसके अलावा सकरन ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय ताजपुर में तैनात सहायक अध्यापक मुरारी लाल रावत तथा प्राथमिक विद्यालय शिवपुरी के सहायक अध्यापक जय नारायण सिंह को भी फर्जी टीईटी प्रमाणपत्र के आधार पर नियुक्ति लेने के मामले में बर्खास्त किया गया है।

बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल ने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में फर्जीवाड़ा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

पवन नौटियाल

लेखक के बारे मेंपवन नौटियालपवन नौटियाल नवभारत टाइम्स में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सेक्शन के लिए बतौर कंसलटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्हें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 14 वर्षों से अधिक का व्यापक पत्रकारीय अनुभव है। मूल रूप से उत्तराखंड (उत्तरकाशी) के रहने वाले पवन को दोनों राज्यों की राजनीति, सामाजिक-आर्थिक मुद्दों, क्राइम और यूटिलिटी खबरों की गहरी समझ है।उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 2012 में देहरादून से एक प्रतिष्ठित न्यूज चैनल के साथ की, जहां उन्होंने विधानसभा चुनावों की ग्राउंड रिपोर्टिंग और कई एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए। उन्होंने 2013 की भीषण केदारनाथ आपदा की भी क्रेडिबल ग्राउंड रिपोर्टिंग की है। इसके बाद, उन्होंने ‘दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट’ में 5 वर्षों तक डेस्क और फील्ड की दोहरी जिम्मेदारी संभाली। डिजिटल मीडिया में कदम रखते हुए उन्होंने वनइंडिया-डेलीहंट के साथ करीब 5 साल काम किया, जहां उन्होंने उत्तरकाशी के ऐतिहासिक सिलक्यारा टनल हादसे और धराली आपदा जैसी बड़ी घटनाओं को मौके पर जाकर कवर किया। दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले पवन विज्ञान के छात्र रहे हैं, जिससे उनकी खबरों में तार्किक और डेटा-आधारित सटीकता दिखती है।मुख्य विशेषज्ञता (Areas of Expertise)क्षेत्रीय कवरेज: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की राजनीति, समसामयिक मुद्दे और सामाजिक सरोकार।बीट्स: पॉलिटिकल एनालिसिस, क्राइम, हेल्थ, यूटिलिटी न्यूज और ग्राउंड डिजास्टर रिपोर्टिंग।अनुभव: 14+ वर्ष (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया)।पेशेवर यात्रा (Professional Experience)करियर की शुरुआत (2012): देहरादून में न्यूज चैनल से शुरुआत; उत्तराखंड विधानसभा चुनाव और केदारनाथ आपदा (2013) की लाइव कवरेज। ‘लोकस्वामी’ मैगजीन के लिए अहम कवर स्टोरीज।प्रिंट मीडिया (5 वर्ष): ‘दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट’ में बतौर सीनियर सब-एडिटर/रिपोर्टर डेस्क और फील्ड रिपोर्टर के तौर पर काम।डिजिटल मीडिया (5 वर्ष): ‘वनइंडिया-डेलीहंट’ में यूपी-उत्तराखंड के चुनाव और बड़ी घटनाओं की कमान। उत्तरकाशी सिलक्यारा टनल रेस्क्यू और धराली आपदा की ग्राउंड रिपोर्टिंग।शिक्षा और क्रेडेंशियल (Education & Credentials)पोस्ट ग्रेजुएशन: मास कम्युनिकेशन (नई दिल्ली)।ग्रेजुएशन: साइंस स्ट्रीम (जो उनकी खबरों को एक विश्लेषणात्मक और सटीक दृष्टिकोण देता है)।स्थानीय जुड़ाव: मूल निवासी उत्तरकाशी (उत्तराखंड), जिससे उन्हें पहाड़ी राज्यों की भौगोलिक और राजनीतिक परिस्थितियों की स्वाभाविक और प्रामाणिक समझ है।और पढ़ें